CG Jal Jeevan Mission Action: डिप्टी सीएम अरुण साव के बस्तर दौरे का बड़ा असर, नल-जल योजना में गड़बड़ी पर दो कार्यपालन अभियंताओं को थमाया नोटिस

रायपुर (छत्तीसगढ़)। छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में जल जीवन मिशन के कामों में लापरवाही बरतने वाले अफसरों पर गाज गिरनी शुरू हो गई है। उप मुख्यमंत्री और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (PHE) मंत्री अरुण साव के कड़े रुख के बाद विभाग ने कोंडागांव और दंतेवाड़ा के कार्यपालन अभियंताओं (EE) को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया है। डिप्टी सीएम के बस्तर प्रवास के दौरान ग्रामीणों ने नल-जल योजना से पानी नहीं मिलने की सीधी शिकायत की थी। इस पर कड़ी नाराजगी जताते हुए अरुण साव ने तुरंत एक्शन के निर्देश दिए थे।
डिप्टी सीएम के सामने ही खुल गई पोल
दरअसल, यह पूरा मामला उप मुख्यमंत्री अरुण साव (Deputy CM Arun Sao) के हाल ही में हुए बस्तर दौरे से जुड़ा है। विगत 5 जून को कोंडागांव जिले के केशकाल विकासखंड के ग्राम बेड़मा और 7 जून को दंतेवाड़ा जिले के ग्राम टेकनार में जल अर्पण कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। इन कार्यक्रमों में जब खुद डिप्टी सीएम ने मंच से ग्रामीणों से पूछा कि घर में पानी आ रहा है या नहीं, तो ग्रामीणों ने साफ कह दिया कि योजना ठीक से काम नहीं कर रही है और नियमित जलापूर्ति (Water Supply Problem Bastar) नहीं हो रही है। भीषण गर्मी के मौसम में पानी न मिलने की इस शिकायत से कार्यक्रम में अफसरों के हाथ-पांव फूल गए और मौके पर ही बेहद असहज स्थिति निर्मित हो गई थी।
शासकीय कार्य में घोर लापरवाही का आरोप
ग्रामीणों के गुस्से को देखकर लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (PHE Department Chhattisgarh) के प्रमुख अभियंता के.के. मरकाम ने दोनों जिलों के बड़े अफसरों को लपेटे में लिया है। विभाग ने कोंडागांव के कार्यपालन अभियंता वीरेंद्र पाण्डेय और दंतेवाड़ा के कार्यपालन अभियंता एस.पी. मण्डावी को नोटिस थमाकर 7 दिनों के भीतर जवाब (Show Cause Notice to PHE Engineers) मांगा है। प्रमुख अभियंता ने नोटिस में साफ लिखा है कि भीषण गर्मी के समय नई पाइपलाइन बिछाने के बाद भी पानी न मिलना सरकारी काम में घोर लापरवाही और घटिया निर्माण को दर्शाता है। अफसरों के इस बर्ताव से सरकार और विभाग की छवि खराब हुई है।
7 दिन में नहीं दिया जवाब तो होगी बड़ी कार्रवाई
जल जीवन मिशन (Jal Jeevan Mission CG) के नियमों के मुताबिक, तकनीकी मापदंडों को ताक पर रखकर काम कराने के कारण यह समस्या खड़ी हुई है। दंतेवाड़ा के टेकनार गांव के तो एक पूरे मोहल्ले में पाइपलाइन होने के बाद भी बूंद भर पानी नहीं पहुंचा था। पीएचई विभाग ने कड़ा अल्टीमेटम देते हुए कहा है कि यदि दोनों कार्यपालन अभियंताओं का स्पष्टीकरण (Action on PHE Officers Chhattisgarh) तय समय में नहीं मिलता है या उनका जवाब संतोषजनक नहीं पाया जाता, तो उनके खिलाफ सीधे निलंबन या विभागीय जांच जैसी सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। डिप्टी सीएम की इस कार्रवाई से बस्तर संभाग के अन्य विभागों के सुस्त अफसरों में भी हड़कंप मच गया है।


