CG Revenue Department Big Decision: छत्तीसगढ़ में राजस्व गड़बड़ी रोकने बनेगा ई-एचआरएमएस पोर्टल, मंत्री टंक राम वर्मा का कड़ा रुख- 3 साल से जमे पटवारी-तहसीलदारों की सूची तलब

रायपुर (छत्तीसगढ़)। छत्तीसगढ़ में जमीनी रिकॉर्ड में हेरफेर रोकने और राजस्व विभाग के कामकाज में पारदर्शिता लाने के लिए राज्य सरकार ने बड़े कदम उठाने का फैसला किया है। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री टंक राम वर्मा ने अपने निवास कार्यालय में विभाग के आला अफसरों की एक हाईप्रोफाइल समीक्षा बैठक ली। बैठक में मंत्री ने बेहद कड़े तेवर दिखाते हुए डिजिटल भू-अभिलेखों की सुरक्षा मजबूत करने, दागी और लंबे समय से एक ही जगह जमे अफसरों को हटाने तथा गरीबों को पट्टा देने के लिए समय-सीमा तय करने समेत कई कड़े निर्देश जारी किए हैं।

डिजिटल भू-अभिलेख होंगे सुरक्षित, ई-एचआरएमएस पोर्टल से रखी जाएगी नजर
जमीन संबंधी रिकॉर्ड में किसी भी तरह की गड़बड़ी या साइबर हमले के खतरे को रोकने के लिए अब एक अभेद्य सुरक्षा चक्र तैयार किया जाएगा। इसके साथ ही राजस्व विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों की कुंडली तैयार करने के लिए ई-एचआरएमएस (e-HRMS – इलेक्ट्रॉनिक ह्यूमन रिसोर्स मैनेजमेंट सिस्टम) पोर्टल बनाया जाएगा। इस पोर्टल के जरिए हर कर्मचारी की पदस्थापना, छुट्टी, विभागीय जांच, गोपनीय प्रतिवेदन (CR) और अचल संपत्ति का पूरा ब्यौरा ऑनलाइन ट्रैक किया जाएगा।
3 साल से एक ही जगह जमे पटवारी और तहसीलदारों की सूची तलब
राजस्व प्रशासन में जड़ जमा चुके भ्रष्टाचार पर प्रहार करते हुए मंत्री टंक राम वर्मा ने प्रदेश के सभी जिलों से 3 वर्ष या उससे अधिक समय से एक ही स्थान पर जमे तहसीलदार, नायब तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक (RI) और भू-अभिलेख अधीक्षकों की सूची तत्काल तलब की है। इसके साथ ही एक ही हल्का में 3 साल से ज्यादा समय से जमे पटवारियों का भी पूरा रिकॉर्ड मांगा गया है, जिससे जल्द ही बड़े पैमाने पर तबादले देखने को मिल सकते हैं।
15 अगस्त तक हर हाल में पूरा हो नगरीय पट्टा वितरण सर्वे
नगरीय क्षेत्रों में रहने वाले गरीब और पात्र परिवारों को मालिकाना हक देने की योजना पर मंत्री ने सख्त समय-सीमा (Dead Line) तय कर दी है। उन्होंने अधिकारियों को दो टूक निर्देश दिए हैं कि आगामी 15 अगस्त तक नगरीय क्षेत्रों में पट्टा वितरण से जुड़े सभी सर्वे कार्य अनिवार्य रूप से पूरे कर लिए जाएं ताकि पात्र हितग्राहियों को समय पर पट्टा दिया जा सके। इसमें किसी भी तरह की लेट-लतीफी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
शासकीय लीज नवीनीकरण से बढ़ेगा सरकारी खजाना
राजस्व बढ़ाने के लिए मंत्री ने निर्देश दिया कि जिन सरकारी जमीनों की लीज अवधि समाप्त हो चुकी है, उनके नवीनीकरण की प्रक्रिया तुरंत शुरू की जाए। नियमों के तहत उचित शुल्क निर्धारण कर वसूली की जाएगी, जिससे राज्य के राजस्व में बड़ी बढ़ोतरी होगी। इसके अलावा रायगढ़ के घरघोड़ा में एसईसीएल (SECL) भू-अर्जन और आकाशीय बिजली से बचाव के उपायों पर भी विस्तृत चर्चा हुई।
डिजिटल क्रॉप सर्वे और पेंडिंग केस निपटाने के निर्देश
किसानों से जुड़े मामलों पर बात करते हुए राजस्व मंत्री ने प्रदेश में जियोरिफ्रेसिंग, डिजिटल क्रॉप सर्वे और फार्मर रजिस्ट्री के काम में तेजी लाने को कहा है। उन्होंने सभी एसडीएम (SDM) और तहसीलदार कोर्ट में लंबित पड़े नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन और रिकॉर्ड त्रुटि सुधार के मामलों की जिलेवार समीक्षा कर उन्हें जल्द से जल्द निपटाने के आदेश दिए। बैठक में दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना और स्वामित्व योजना की भी प्रगति जांची गई। इस उच्च स्तरीय बैठक में राजस्व सचिव सुश्री शम्मी आबिदी और संचालक विनीत नंदनवार सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।



