खुले गड्ढों से बच्चों की मौत के मामलों पर बाल आयोग सख्त, प्रशासन को जारी की अनुशंसा

रायपुर। बारिश के मौसम में खुले गड्ढों और ढकी हुई नालियों से बच्चों की सुरक्षा को लेकर छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने नगरीय प्रशासन विभाग, जिला कलेक्टरों और नगरीय निकायों के अधिकारियों को सख्त निर्देश जारी किए हैं। आयोग ने इस संबंध में अनुशंसा क्रमांक आर-191/30.06.2026 जारी करते हुए तत्काल कार्रवाई करने को कहा है।
आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा ने कहा कि आयोग के संज्ञान में ऐसे कई मामले आए हैं, जिनमें कॉलोनियों में निर्माणाधीन खुले गड्ढों, सड़कों पर बने गड्ढों और बारिश के दौरान नालियों के ढक जाने के कारण बच्चे उनमें गिर गए और उनकी मौत हो गई। आयोग ने इन घटनाओं को बेहद दुखद और चिंताजनक बताया है।
बालक अधिकार संरक्षण आयोग अधिनियम, 2005 की धारा 13 एवं धारा 15 के तहत बच्चों के जीवन और सुरक्षा के अधिकार को ध्यान में रखते हुए आयोग ने निर्देश दिए हैं कि नगरीय क्षेत्रों में तत्काल सर्वेक्षण अभियान चलाकर खुले गड्ढों, नालियों और निर्माणाधीन स्थलों की पहचान की जाए। ऐसे स्थानों को या तो भर दिया जाए या उनके चारों ओर बैरिकेडिंग और सुरक्षा घेरा लगाया जाए, ताकि बच्चे उनमें न गिर सकें।
आयोग ने सभी निर्माण एजेंसियों और आवासीय कॉलोनियों को भी निर्देशित करने की अनुशंसा की है कि निर्माण कार्य के लिए खोदे गए नींव, कॉलम या अन्य गड्ढों के आसपास सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। संवेदनशील निर्माण स्थलों पर चौकीदार या सुरक्षाकर्मी तैनात करने की भी सलाह दी गई है।
डॉ. वर्णिका शर्मा ने कहा कि बारिश के दौरान बच्चों के लिए छोटे और गहरे गड्ढों में अंतर समझ पाना मुश्किल होता है। ऐसे में खेलते समय या स्कूल आते-जाते उनके साथ हादसे होने की आशंका बढ़ जाती है। इसे देखते हुए मंत्रालय और विभागाध्यक्ष स्तर से आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करने तथा जिला स्तर पर नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए गए हैं।
आयोग ने सभी संबंधित विभागों से 7 जुलाई 2026 तक की गई कार्रवाई की लिखित जानकारी आयोग को उपलब्ध कराने को कहा है।



