नक्सलवाद के साये से बाहर निकलकर वैश्विक पर्यटन केंद्र के रूप में उभर रहा बस्तर, साय सरकार की नीतियों से मिली नई पहचान…

रायपुर। छत्तीसगढ़ का बस्तर क्षेत्र अब नक्सलवाद और हिंसा की पहचान को पीछे छोड़कर एक अंतरराष्ट्रीय पर्यटन केंद्र के रूप में तेजी से स्थापित हो रहा है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार ने बस्तर को भयमुक्त कर इसे दुनिया के पर्यटन मानचित्र पर लाने का संकल्प लिया है। सरकार की दूरगामी नीतियों, सुरक्षा की बहाली और बुनियादी ढांचे के विस्तार से बस्तर की मूल सांस्कृतिक और प्राकृतिक पहचान फिर से लौटने लगी है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अपने कार्यकाल के प्रथम वर्ष में सुरक्षा और विश्वास को विकास की पहली शर्त माना है। बस्तर में नक्सलियों के विरुद्ध प्रभावी और निर्णायक कार्रवाई से सुरक्षा बलों का मनोबल बढ़ा है और आम नागरिकों में विश्वास पैदा हुआ है। बुनियादी सुविधाओं जैसे सड़क, मोबाइल नेटवर्क और स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार ने पर्यटन की राह आसान की है। मुख्यमंत्री का मानना है कि बस्तर की वास्तविक आत्मा उसकी जनजातीय संस्कृति और प्राकृतिक सुंदरता में बसी है, जिसे सहेजना सरकार की प्राथमिकता है।
बस्तर के प्रमुख पर्यटन स्थलों को जोड़ने के लिए सरकार एक विशेष टूरिज्म कॉरिडोर विकसित कर रही है। भारत के नियाग्रा के रूप में प्रसिद्ध चित्रकोट जलप्रपात को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप तैयार किया जा रहा है। यहां विश्वस्तरीय होटल, रिसॉर्ट और व्यू पॉइंट्स विकसित किए जा रहे हैं। इसके साथ ही तीरथगढ़, कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान और दंतेवाड़ा जैसे स्थलों को बेहतर कनेक्टिविटी से जोड़ा जा रहा है।
बस्तर के विकास मॉडल में स्थानीय समुदाय की भागीदारी को विशेष महत्व दिया गया है। होमस्टे और इको-टूरिज्म के माध्यम से स्थानीय युवाओं और महिलाओं को रोजगार से जोड़ा जा रहा है। बस्तर के धुड़मारास गांव को संयुक्त राष्ट्र पर्यटन संगठन द्वारा दुनिया के सर्वश्रेष्ठ पर्यटन गांवों की सूची में शामिल किया जाना साय सरकार की नीतियों की बड़ी वैश्विक उपलब्धि मानी जा रही है।
हाल ही में जगदलपुर में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने 356 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया है। बस्तर विकास प्राधिकरण की सक्रियता और नए निवेश के साथ ही बस्तर अब रोजगार के बड़े केंद्र के रूप में उभर रहा है। मुख्यमंत्री के विजन और मोदी की गारंटी के क्रियान्वयन से बस्तर में पर्यटन के एक नए युग की शुरुआत हो गई है।



