स्कूटर और बाइक में भी आएंगे एयरबैग, हादसे में राइडर की जान बचाने की नई तकनीक

नई दिल्ली। अब तक एयरबैग को कारों की सुरक्षा से जोड़कर देखा जाता था, लेकिन आने वाले समय में स्कूटर और बाइक सवारों को भी यह सुरक्षा मिल सकती है। ऑटोमोबाइल सेफ्टी टेक्नोलॉजी की दिग्गज कंपनी Autoliv दोपहिया वाहनों के लिए विशेष एयरबैग सिस्टम विकसित कर रही है।

ऑटोलिव दुनिया की बड़ी सेफ्टी कंपनियों में शामिल है और वैश्विक स्तर पर करीब 40 प्रतिशत कारों के लिए एयरबैग और सीट बेल्ट की आपूर्ति करती है। अब कंपनी टू-व्हीलर सुरक्षा को बेहतर बनाने की दिशा में काम कर रही है।
कैसे काम करेगा यह एयरबैग?
कारों में एयरबैग वाहन के अंदर लगे होते हैं, लेकिन बाइक और स्कूटर के लिए तैयार किया जा रहा यह सिस्टम अलग तरीके से काम करेगा। दुर्घटना की स्थिति में एयरबैग तेजी से खुलकर सीधे राइडर के शरीर को सुरक्षा कवच की तरह घेर लेगा। इससे वाहन से गिरने के बाद भी गंभीर चोट लगने का खतरा कम हो सकता है।
हैंडलबार के पास होगी यूनिट
इस तकनीक में एक कॉम्पैक्ट ट्यूब जैसी यूनिट को हैंडलबार के पास लगाया जाएगा। इसी यूनिट के भीतर फोल्डेड एयरबैग, गैस जनरेटर और इंफ्लेटर मौजूद रहेगा। जैसे ही सेंसर किसी टक्कर या दुर्घटना का संकेत देगा, एयरबैग कुछ ही मिलीसेकंड में खुल जाएगा।
दुर्घटना में मिलेगी अतिरिक्त सुरक्षा
दोपहिया वाहन चलाने वाले कई लोग हेलमेट के अलावा अन्य सुरक्षा उपकरण नहीं पहनते। ऐसे में यह एयरबैग सुरक्षा की एक अतिरिक्त परत प्रदान करेगा। खासकर सिर, गर्दन, छाती और ऊपरी शरीर को गंभीर चोटों से बचाने में यह तकनीक मददगार साबित हो सकती है।
पहले भी दिख चुकी है झलक
इस तकनीक का एक प्रारंभिक रूप Yamaha Tricity 300 में देखा जा चुका है। हालांकि ऑटोलिव का लक्ष्य इसे अधिक उन्नत और व्यापक स्तर पर उपयोग के लिए तैयार करना है।
एयरबैग जैकेट से अलग
बाजार में पहले से एयरबैग जैकेट उपलब्ध हैं, लेकिन उन्हें हर बार पहनना जरूरी होता है। ऑटोलिव का नया सिस्टम सीधे वाहन में लगा होगा, इसलिए राइडर को अलग से एयरबैग जैकेट पहनने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह तकनीक बड़े पैमाने पर सफल होती है, तो भविष्य में बाइक और स्कूटर की सुरक्षा कारों की तरह एक नए स्तर पर पहुंच सकती है।



