बच्चों की आवाज बनी सोशल मीडिया, डॉ. वर्णिका शर्मा ने गांव पहुंचकर सुनी समस्याएं

रायपुर/आरंग। छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा ने रायपुर जिले के आरंग विकासखंड अंतर्गत ग्राम बोहरडीह में बाल चौपाल का आयोजन कर बच्चों से संवाद किया। इस कार्यक्रम की खास बात यह रही कि गांव में बाल चौपाल आयोजित करने की पहल सोशल मीडिया पर की गई एक अपील के बाद हुई। ग्राम के रूपचंद बंजारे के आग्रह को स्वीकार करते हुए आयोग ने गांव में यह कार्यक्रम आयोजित किया।


भारी बारिश के बावजूद बड़ी संख्या में बच्चों, अभिभावकों, ग्रामवासियों और विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने कार्यक्रम में भाग लिया। डॉ. वर्णिका शर्मा ने बच्चों से आत्मीय संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और उनके सवालों के जवाब दिए।
बच्चों की समस्याओं पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश
बाल चौपाल के दौरान बच्चों ने गांव के मिडिल स्कूल में शौचालय और स्थायी पेयजल व्यवस्था नहीं होने की समस्या प्रमुखता से उठाई। इसे बच्चों के मूलभूत अधिकारों से जुड़ा मामला मानते हुए आयोग अध्यक्ष ने तत्काल प्रकरण दर्ज करने के निर्देश दिए। साथ ही आरंग के खंड शिक्षा अधिकारी (BEO) और विद्यालय के प्राचार्य को आयोग के समक्ष उपस्थित होकर अपना पक्ष रखने के लिए निर्देशित किया।
अधिकारों के साथ सुरक्षा और संस्कार का संदेश
कार्यक्रम में बच्चों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने के साथ बाल विवाह, बाल श्रम, गुड टच-बैड टच, व्यक्तिगत सुरक्षा और आत्मरक्षा जैसे विषयों पर विस्तार से जानकारी दी गई।
इस दौरान एक बच्ची ने अपने साथ हुई एक व्यक्तिगत घटना साझा की। डॉ. वर्णिका शर्मा ने उसका मनोबल बढ़ाते हुए सभी बच्चों को संदेश दिया कि यदि उनके साथ कभी कोई अनुचित घटना हो तो बिना डर या संकोच के अपने माता-पिता, शिक्षकों या चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 पर तुरंत जानकारी दें।


शिक्षा और अच्छे संस्कारों पर दिया जोर
डॉ. वर्णिका शर्मा ने कहा कि बाल चौपाल केवल समस्याओं के समाधान का मंच नहीं, बल्कि बच्चों के सर्वांगीण विकास और बेहतर भविष्य के निर्माण का माध्यम है। उन्होंने बच्चों से मन लगाकर पढ़ाई करने, अनुशासन और अच्छे संस्कार अपनाने तथा जिम्मेदार नागरिक बनने का आह्वान किया।
इस अवसर पर प्रतियोगी परीक्षा संस्थान के संचालक मुरली मनोहर ने भी बच्चों को नियमित अध्ययन, एकाग्रता और प्रतियोगी परीक्षाओं की प्रभावी तैयारी के बारे में मार्गदर्शन दिया।
कार्यक्रम में रूपचंद बंजारे, एडवोकेट आयुष दुबे, पचकेड़राम वर्मा, अमर माण्डले, दिनेश बघेल, महिला एवं बाल विकास विभाग के सीडीपीओ, सुपरवाइजर सहित ग्राम के अनेक गणमान्य नागरिक, अधिकारी और अभिभावक उपस्थित रहे।



