सुशासन की नई टीम तैयार: 36 युवा बनेंगे सरकार के बदलाव के साथी, मुख्यमंत्री सुशासन फेलोशिप के दूसरे बैच की शुरुआत, IIM रायपुर में हुआ ओरिएंटेशन

रायपुर। छत्तीसगढ़ में बेहतर प्रशासन और जनसेवा को मजबूत बनाने की दिशा में एक और कदम बढ़ाया गया है। मुख्यमंत्री सुशासन फेलोशिप के दूसरे बैच का शुभारंभ सोमवार को भारतीय प्रबंधन संस्थान (IIM) रायपुर में किया गया। इस कार्यक्रम के तहत चयनित 36 युवा अगले दो वर्षों तक शासन और प्रशासन की बारीकियों को सीखेंगे और विभिन्न विभागों के साथ काम करेंगे।
सुशासन एवं अभिसरण विभाग और IIM रायपुर के संयुक्त प्रयास से संचालित इस फेलोशिप के तहत युवाओं को MBA in Public Policy and Governance की डिग्री दी जाएगी। चयनित फेलोज राज्य के 19 जिलों का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। इनमें 12 अनुसूचित जनजाति और 4 अनुसूचित जाति वर्ग के युवा भी शामिल हैं।
पढ़ाई के साथ मिलेगा प्रशासन का अनुभव
फेलोशिप के दौरान प्रतिभागी 5 महीने तक IIM रायपुर में अकादमिक प्रशिक्षण लेंगे। इसके बाद 19 महीने तक विभिन्न सरकारी विभागों और जिलों में काम करते हुए Policy Making, Governance, Public Administration और Program Implementation का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त करेंगे।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री सचिवालय एवं सुशासन विभाग के सचिव राहुल भगत ने कहा कि सुशासन केवल नीतियां बनाने तक सीमित नहीं है। नागरिकों तक सेवाएं समय पर पहुंचाना और योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन भी उतना ही महत्वपूर्ण है। उन्होंने युवाओं से जनसेवा और नवाचार की भावना के साथ काम करने का आह्वान किया।
CAT स्कोर के आधार पर हुआ चयन
विशेष सचिव रजत बंसल और संयुक्त सचिव मयंक अग्रवाल ने भी विद्यार्थियों से संवाद किया। उन्होंने Digital Governance, Administrative Reforms और Data-Based Decision Making से जुड़े अनुभव साझा किए।
फेलोशिप के लिए केवल छत्तीसगढ़ के मूल निवासियों का चयन किया गया है। चयन प्रक्रिया वैध CAT Score और IIM रायपुर की पारदर्शी प्रक्रिया के आधार पर पूरी की गई। यह पहल राज्य में जन-केंद्रित और नवाचार आधारित प्रशासनिक नेतृत्व तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।



