ट्रंप का बड़ा दावा- ‘ईरान पूरी तरह कमजोर हो चुका’, आर्थिक मदद देने से भी किया इनकार

वॉशिंगटन/तेहरान। अमेरिका और ईरान के बीच हाल ही में हुए युद्धविराम समझौते के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर बड़ा बयान दिया है। ट्रंप ने दावा किया कि हालिया संघर्ष के बाद ईरान की सैन्य क्षमता को भारी नुकसान पहुंचा है और अब वह पहले जैसी स्थिति में नहीं है। उन्होंने यह भी साफ कहा कि अमेरिका की ओर से ईरान को किसी तरह की आर्थिक सहायता नहीं दी जाएगी।

ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर कई पोस्ट करते हुए कहा कि युद्ध ने ईरान को काफी कमजोर कर दिया है। उन्होंने दावा किया कि ईरान की वायु, नौसैनिक और रक्षा क्षमताओं को गंभीर नुकसान पहुंचा है। साथ ही उन्होंने अपने राजनीतिक विरोधियों पर भी निशाना साधते हुए कहा कि कुछ लोग अब भी ईरान को पहले से मजबूत बता रहे हैं।
अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि बातचीत की पहल अमेरिका ने नहीं बल्कि ईरान ने की थी। उन्होंने दोहराया कि वॉशिंगटन अपनी तय रणनीति पर आगे बढ़ेगा और तेहरान को कोई वित्तीय राहत नहीं दी जाएगी।
इस बीच अमेरिका और ईरान के बीच 14 बिंदुओं वाले एक Memorandum of Understanding (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए हैं। इस समझौते का उद्देश्य हालिया संघर्ष को रोकना और दोनों देशों के बीच आगे की बातचीत का रास्ता तैयार करना है। समझौते के तहत दोनों पक्ष 60 दिनों तक वार्ता करेंगे। जरूरत पड़ने पर इस अवधि को बढ़ाया भी जा सकता है।
समझौते में होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में व्यावसायिक जहाजों की आवाजाही बहाल करने और अमेरिका द्वारा नौसैनिक प्रतिबंध हटाने जैसे प्रावधान भी शामिल हैं। यह समुद्री मार्ग दुनिया के तेल और गैस व्यापार के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।
हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि असली चुनौती अब अगले 60 दिनों की बातचीत में होगी। परमाणु कार्यक्रम, प्रतिबंधों में राहत और क्षेत्रीय सुरक्षा जैसे कई बड़े मुद्दों पर अभी अंतिम सहमति बनना बाकी है।



