अधिकारियों की कार्यशैली पर पूर्व मंत्री मोहम्मद अकबर नाराज, मुख्य सचिव से हस्तक्षेप की अपील

रायपुर। छत्तीसगढ़ के पूर्व कैबिनेट मंत्री मोहम्मद अकबर ने मुख्य सचिव से मांग की है कि सांसदों और विधायकों के सम्मान तथा उनके पत्रों और मांगों के समयबद्ध निराकरण से जुड़े सरकार द्वारा जारी 18 आदेशों का प्रदेशभर में कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराया जाए। उन्होंने आरोप लगाया कि बार-बार निर्देश जारी होने के बावजूद कई अधिकारी इनका पालन नहीं कर रहे हैं।
मोहम्मद अकबर ने सोमवार को जारी एक वीडियो संदेश में कहा कि राज्य सरकार ने समय-समय पर जनप्रतिनिधियों के साथ अधिकारियों के व्यवहार और उन्हें तथ्यात्मक जानकारी उपलब्ध कराने के संबंध में कई परिपत्र जारी किए हैं। इसके बावजूद कई स्थानों पर इन निर्देशों की अनदेखी की जा रही है। उन्होंने मुख्य सचिव से हस्तक्षेप कर सभी विभागों और अधिकारियों को इन आदेशों का पालन कराने की मांग की।
उन्होंने सामान्य प्रशासन विभाग के 21 अप्रैल 2010 के आदेश का भी उल्लेख किया। अकबर के अनुसार, उस आदेश में शासन ने इस बात पर खेद व्यक्त किया था कि विभिन्न विभागों और कार्यालयों द्वारा जनप्रतिनिधियों से संबंधित पूर्व में जारी निर्देशों का पालन नहीं किया जा रहा है। आदेश के साथ ऐसे 18 निर्देशों की सूची भी संलग्न की गई थी।
इन निर्देशों में सांसदों और विधायकों के पत्रों की तत्काल पावती देना, 15 दिनों के भीतर तथ्यात्मक उत्तर उपलब्ध कराना, सरकारी कार्यक्रमों, भूमि पूजन और लोकार्पण समारोहों में क्षेत्र के विधायक एवं पूर्व सांसदों को आमंत्रित करना, जिला और ब्लॉक स्तर की विकास समीक्षा बैठकों की जानकारी समय पर देना तथा अधिकारियों द्वारा जनप्रतिनिधियों के साथ सौहार्दपूर्ण व्यवहार सुनिश्चित करना शामिल है।
पूर्व मंत्री की मांग के बाद अब निगाहें इस बात पर हैं कि मुख्य सचिव कार्यालय इस संबंध में क्या कदम उठाता है और प्रशासनिक स्तर पर इन निर्देशों के पालन को लेकर क्या कार्रवाई की जाती है।



