सीएम हाउस में देर रात तक चली मंत्रियों की हाई लेवल बैठक: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा- आपातकालीन नहीं, विकास कार्यों की समीक्षा के लिए जुटे थे सभी नेता

रायपुर
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में मुख्यमंत्री निवास पर देर रात तक चली एक बड़ी हाई लेवल बैठक को लेकर सियासी गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। इस बैठक में सरकार के सभी प्रमुख मंत्री और संगठन के बड़े नेता शामिल हुए थे। हालांकि, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस बैठक को लेकर स्थिति साफ कर दी है। जशपुर रवाना होने से पहले मीडिया से बातचीत में सीएम साय ने कहा कि यह कोई आपातकालीन यानी अचानक बुलाई गई बैठक नहीं थी। केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल के बारह वर्ष पूरे होने पर देश भर में विभिन्न विकास कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। इसी सिलसिले में सभी मंत्रियों और विधायकों को जो जिम्मेदारियां दी गई थीं, यह बैठक केवल उन्हीं कार्यों की समीक्षा के लिए बुलाई गई थी।
भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा का अनावरण करने जशपुर रवाना हुए मुख्यमंत्री
देर रात की बैठक के बाद मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय अपने गृह जिले जशपुर के दौरे पर रवाना हो गए। अपने इस प्रवास को लेकर उन्होंने बताया कि जशपुर में भगवान बिरसा मुंडा की भव्य मूर्ति का अनावरण कार्यक्रम आयोजित किया गया है, जिसमें वे मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। इसके बाद वे अपने पैतृक गांव बगिया जाएंगे और रात का विश्राम अपने गृह ग्राम में ही करेंगे। मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर जशपुर और बगिया में स्थानीय प्रशासन ने सुरक्षा और तैयारियों के पुख्ता इंतजाम किए हैं।
राहुल गांधी के दौरों पर सीएम का तंज, बोले- वे जहां जाते हैं वहां कांग्रेस का बंटाधार होता है
विपक्षी दल के नेता राहुल गांधी के दौरों को लेकर पूछे गए एक सवाल पर मुख्यमंत्री साय ने तीखा तंज कसा। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी देश में जहां-जहां जाते हैं, वहां कांग्रेस का क्या हश्र होता है, यह बात पूरी जनता अच्छी तरह जानती है। उनके जाने से पार्टी का बंटाधार ही होता है। सीएम ने आरोप लगाया कि अपनी कथनी और करनी के बड़े अंतर के कारण कांग्रेस अब आम जनता के बीच अपना पूरा विश्वास खो चुकी है। उन्होंने कांग्रेस के भीतर चल रही गुटबाजी पर चुटकी लेते हुए कहा कि वहां नेताओं के बीच आपस में भारी मनमुटाव है और सिर-फुटव्वल की स्थिति बनी हुई है।
छत्तीसगढ़ में लागू होगा समान नागरिक संहिता कानून, विधानसभा के मानसून सत्र में आना मुश्किल
मुख्यमंत्री ने प्रदेश में यूनिफॉर्म सिविल कोड (Uniform Civil Code) यानी समान नागरिक संहिता (UCC) को लेकर भी एक बड़ा बयान दिया है। आम भाषा में समझें तो यूसीसी का मतलब है कि देश या प्रदेश में रहने वाले सभी नागरिकों के लिए विवाह, तलाक, जमीन-जायदाद और उत्तराधिकार जैसे मामलों में एक जैसा कानून लागू होना। सीएम साय ने साफ शब्दों में कहा कि छत्तीसगढ़ में भी यह नया कानून निश्चित रूप से लागू किया जाएगा। इसके लिए एक विशेष कमेटी का गठन पहले ही किया जा चुका है, जो इस पर काम कर रही है। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस बार होने वाले विधानसभा के मानसून सत्र (Monsoon Session) में इसे इतनी जल्दी ला पाना संभव नहीं होगा।
धान खरीदी का मॉडल देखने महाराष्ट्र के विधायक पहुंचे रायपुर, मुख्यमंत्री से की मुलाकात
इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने महाराष्ट्र से आए विधायकों के एक विशेष दल के बारे में भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि महाराष्ट्र के विधायकों का एक ग्रुप छत्तीसगढ़ के अध्ययन दौरे पर आया है। इस ग्रुप ने मुख्यमंत्री निवास पहुंचकर सीएम साय से सौजन्य मुलाकात भी की। महाराष्ट्र के यह विधायक छत्तीसगढ़ की सहकारी व्यवस्था और यहां धान खरीदी की बेहतरीन मैनेजमेंट का बारीकी से अध्ययन करने आए हैं, ताकि वे अपने राज्य में भी किसानों के लिए इसी तरह की बेहतर व्यवस्था लागू कर सकें।



