Abhanpur News: गोबरा नवापारा में ‘सुशासन तिहार’ के बीच भारी हंगामा; खाली मटकी लेकर पहुंचीं महिलाएं, एसडीएम के आश्वासन पर शांत हुआ प्रदर्शन

अभनपुर: छत्तीसगढ़ के अभनपुर क्षेत्र से इस वक्त की एक बड़ी और ग्राउंड ब्रेकिंग खबर सामने आ रही है। गोबरा नवापारा नगर में बुनियादी जनसमस्याओं को लेकर स्थानीय नागरिकों का गुस्सा फूट पड़ा है। नगर के हरिहर स्कूल (Harihar School Gobra Nawapara) में आयोजित सरकारी ‘सुशासन तिहार’ कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस नेताओं और स्थानीय महिलाओं ने जमकर विरोध प्रदर्शन किया। इस हंगामे के दौरान बड़ी संख्या में महिलाएं हाथों में तख्तियां और खाली मटकियां लेकर कार्यक्रम स्थल पर पहुंच गईं, जिससे प्रशासनिक अधिकारियों में हड़कंप मच गया।
महिलाओं ने आयोजन स्थल पर फोड़ी मटकी, लगे सरकार विरोधी नारे
प्रदर्शन के दौरान माहौल उस समय बेहद तनावपूर्ण हो गया, जब पानी की भीषण किल्लत से नाराज महिलाओं ने विरोध जताते हुए अपनी खाली मटकियां (protest with earthen pots) कार्यक्रम स्थल पर ही पटककर फोड़ दीं। मटकियों के टूटते ही वहां मौजूद पुलिस और प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए। गुस्साए प्रदर्शनकारियों ने ‘भाजपा सरकार मुर्दाबाद’, ‘जनविरोधी नीतियां बंद करो’ और ‘जनता को मूलभूत सुविधाएं दो’ जैसे नारे लगाकर हवा गरमा दी।
अवैध रेत परिवहन और बिजली कटौती को लेकर फूटा गुस्सा
प्रदर्शनकारियों और कांग्रेस नेताओं ने स्थानीय प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनके मुताबिक क्षेत्र में ये मुख्य समस्याएं (public issues in Abhanpur) हावी हैं। नगर में धड़ल्ले से अवैध रेत (illegal sand mining) और अन्य खनिजों का काला कारोबार और परिवहन जारी है। इलाके में अवैध शराब की बिक्री पर पुलिस अंकुश नहीं लगा पा रही है। गरीब और पात्र लोगों को समय पर सरकारी पेंशन नहीं मिल रही है। इसके साथ ही अघोषित बिजली कटौती (power outage) और किसानों को खाद न मिलने से आम जनता त्रस्त है।
एसडीएम के आश्वासन के बाद खत्म हुआ आंदोलन
कांग्रेस के स्थानीय नेताओं ने तंज कसते हुए कहा कि सरकार कागजों पर ‘सुशासन’ का ढिंढोरा पीट रही है, लेकिन धरातल पर लोग बूंद-बूंद पानी और बिजली के लिए तरस रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर इन समस्याओं का जल्द हल नहीं निकला, तो उग्र आंदोलन (massive protest) किया जाएगा। मामले की गंभीरता को देखते हुए अभनपुर एसडीएम (SDM Abhanpur) तुरंत मौके पर पहुंचे। उन्होंने प्रदर्शनकारियों की सभी मांगों को सुना और त्वरित निराकरण का ठोस भरोसा दिया, जिसके बाद लोग शांत हुए।



