छत्तीसगढ़ का पहला रामसर स्थल बना मिसाल: कोपरा जलाशय देखने पहुंचे हजारों विदेशी पक्षी, देश के लिए बनेगा मॉडल

रायपुर (राजिम)।
छत्तीसगढ़ का पहला अंतरराष्ट्रीय रामसर स्थल ‘कोपरा जलाशय’ आज पूरे देश के लिए पर्यावरण संरक्षण और सामुदायिक भागीदारी की एक खूबसूरत मिसाल बनकर उभर रहा है। ‘अंतरराष्ट्रीय जैव विविधता दिवस’ के मौके पर इस जलाशय की चर्चा हर तरफ हो रही है। सुबह के शांत माहौल में जब दूर-दराज के देशों से आए प्रवासी पक्षियों की चहचहाहट गूंजती है, तो ऐसा लगता है मानो प्रकृति खुद यहां मुस्कुरा रही हो। यह जलाशय सालों से स्थानीय लोगों के लिए पानी, खेती और मछली पालन का सबसे बड़ा सहारा रहा है।

सीएम विष्णु देव साय की नीतियों से मिला बढ़ावा
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार प्रदेश के जल स्रोतों और पर्यावरण को बचाने के लिए लगातार बड़े कदम उठा रही है। राज्य सरकार द्वारा चलाए जा रहे वृक्षारोपण, वन्यजीव सुरक्षा और आर्द्रभूमि (वेटलैंड) विकास अभियानों का ही असर है कि आज कोपरा जलाशय की तस्वीर पूरी तरह बदल चुकी है। मुख्यमंत्री साय ने इस कामयाबी पर राज्य के लोगों को बधाई देते हुए कहा कि कोपरा जलाशय को अंतरराष्ट्रीय मान्यता मिलना पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गौरव की बात है। यह साबित करता है कि जब सरकार और समाज एक साथ मिलते हैं, तो छोटे प्रयास भी वैश्विक स्तर पर बड़ा बदलाव लाते हैं।
ग्रामीणों और स्व-सहायता समूहों ने संभाला मोर्चा
वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप ने भी स्थानीय समुदाय की तारीफ की है। उन्होंने कहा कि पर्यावरण को बचाने में सबसे बड़ी भूमिका यहां के ग्रामीणों की है। आज कोपरा जलाशय के आसपास रहने वाले ग्रामीण, महिलाएं, स्व-सहायता समूह और स्कूल के बच्चे मिलकर इस जगह को साफ-सुथरा रखने में जुटे हैं। यहां लगातार पेड़ लगाए जा रहे हैं और पक्षियों की सुरक्षा के लिए बायो-फेंसिंग (जैविक घेरा) जैसे जरूरी काम किए जा रहे हैं।
विदेशी मेहमानों का पक्का ठिकाना और प्राकृतिक कवच
यह खूबसूरत जलाशय हर साल हजारों किलोमीटर दूर से उड़कर आने वाले विदेशी और प्रवासी पक्षियों का पसंदीदा घर बन चुका है। पक्षियों के साथ-साथ यह पानी के जीवों और तरह-तरह की वनस्पतियों के लिए भी बेहद सुरक्षित जगह है। जानकारों का कहना है कि यह वेटलैंड हमारे पर्यावरण के लिए एक प्राकृतिक सुरक्षा कवच की तरह काम कर रहा है। यह न सिर्फ बाढ़ को रोकता है और भूजल स्तर को बढ़ाता है, बल्कि पानी को साफ रखने और जलवायु परिवर्तन के खतरों से निपटने में भी बहुत मददगार है। यही वजह है कि कोपरा जलाशय आज देश के लिए सतत विकास का एक बड़ा मॉडल बनता जा रहा है।


