तेंदूपत्ता संग्राहकों के बीच पहुंचे सीएम विष्णु देव साय: महुआ पेड़ के नीचे लगाई चौपाल, महिलाओं से पूछा– मिल रही है न महतारी वंदन की राशि?

सूरजपुर/रायपुर: छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज एक अलग ही अंदाज में नजर आए। अपने सूरजपुर प्रवास के दौरान सीएम सीधे जंगलों और ग्रामीणों के बीच पहुंच गए। उन्होंने रामानुजनगर के पटना तेंदूपत्ता संग्रहण फड़ का बारीकी से निरीक्षण किया। इसके बाद मुख्यमंत्री ने किसी आलीशान मंच के बजाय सीधे एक महुआ पेड़ की छांव में जमीन पर चौपाल लगा दी और कतार में बैठे तेंदूपत्ता संग्राहकों से सीधा संवाद किया। (CM Vishnu Deo Sai Surajpur Visit)
तेंदू फल की माला से सीएम का आत्मीय स्वागत
जैसे ही मुख्यमंत्री फड़ पर पहुंचे, वहां मौजूद वनोपज संग्राहकों और ग्रामीणों ने पारंपरिक तरीके से उनका जोरदार स्वागत किया। ग्रामीणों ने सीएम साय को तेंदूपत्ता और वनों में मिलने वाले तेंदू फलों से बनी विशेष माला पहनाकर उनका अभिनंदन किया।
इस दौरान उनके साथ कैबिनेट मंत्री लक्ष्मी रजवाड़े, विधायक भूलन सिंह मरावी और वन विकास निगम के अध्यक्ष रामसेवक पैकरा भी मौजूद रहे। सीएम ने ग्रामीणों के इस स्नेह के लिए उनका आभार जताया और कहा कि हमारे वनवासी भाई-बहन ही ग्रामीण अर्थव्यवस्था की असली ताकत हैं। (Tendu Patta Sangrahak Chhattisgarh)
महुआ पेड़ के नीचे लगी चौपाल, योजनाओं का लिया फीडबैक
महुआ पेड़ की ठंडी छांव में बैठी चौपाल के दौरान मुख्यमंत्री ने सरकार की योजनाओं का जमीनी हाल जाना। उन्होंने ग्रामीणों से सीधे पूछा कि राशन समय पर मिल रहा है या नहीं? पीने के पानी की क्या स्थिति है? और जल जीवन मिशन का काम कहां तक पहुंचा है?
इसके बाद सीएम ने वहां मौजूद महिलाओं से बात की और पूछा कि ‘महतारी वंदन योजना’ का पैसा हर महीने खाते में आ रहा है या नहीं? महिलाओं ने मुस्कुराते हुए हां में सिर हिलाया। सीएम ने उनसे चर्चा की कि वे इन पैसों का उपयोग बच्चों की पढ़ाई और घर की जरूरतों में किस तरह कर रही हैं। (Mahtari Vandan Yojana Update)
लक्ष्य से ज्यादा हुआ संग्रहण, बांटी चरण पादुका
मुख्यमंत्री ने संग्राहकों की सुरक्षा और सहूलियत का ध्यान रखते हुए उन्हें ‘चरण पादुका’ (चप्पल-जूते) का वितरण किया। अधिकारियों को निर्देश देते हुए सीएम ने कहा कि वनांचल में रहने वाले इन परिवारों के हितों की रक्षा में कोई कोताही न बरती जाए। (Chhattisgarh Forest Department)
आपको बता दें कि साय सरकार ने इस साल तेंदूपत्ता संग्रहण की दर बढ़ाकर 5,500 रुपये प्रति मानक बोरा कर दी है, जिससे संग्राहकों में भारी उत्साह है। पटना फड़ पर इस सीजन में 50 मानक बोरा संग्रहण का लक्ष्य रखा गया था, लेकिन 21 मई तक यहां लक्ष्य से कहीं ज्यादा यानी 66.640 मानक बोरा तेंदूपत्ता खरीदा जा चुका है। इस फड़ से क्षेत्र के 108 आदिवासी और ग्रामीण परिवार सक्रिय रूप से जुड़े हुए हैं।



