केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने आज छत्तीसगढ़ के बस्तर में मध्य क्षेत्रीय परिषद की 26वीं बैठक की अध्यक्षता की

रायपुर। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को छत्तीसगढ़ के बस्तर में मध्य क्षेत्रीय परिषद की 26वीं बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में विष्णु देव साय, मोहन यादव, योगी आदित्यनाथ और पुष्कर सिंह धामी सहित सदस्य राज्यों और केंद्र सरकार के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। यह बैठक केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधीन अंतर-राज्य परिषद सचिवालय द्वारा छत्तीसगढ़ सरकार की मेजबानी में आयोजित की गई।

बैठक को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा कि यह बेहद हर्ष का विषय है कि यह अहम बैठक बस्तर में आयोजित हो रही है और आज पूरा बस्तर नक्सल मुक्त हो चुका है। उन्होंने कहा कि भारत को नक्सलवाद से मुक्त करने का पूरा श्रेय सुरक्षाबलों की बहादुरी, एजेंसियों की सटीक रणनीति और राज्यों के समन्वय को जाता है। उन्होंने बताया कि केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPFs), राज्य पुलिस और खुफिया एजेंसियों ने हर इनपुट पर तेजी से कार्रवाई की।
गृह मंत्री ने कहा कि “Whole of the Government Approach” के तहत केंद्र और राज्य सरकारों ने नक्सल प्रभावित क्षेत्रों तक विकास पहुंचाने का काम किया। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है, क्योंकि नक्सल प्रभावित इलाके पिछले कई दशकों से विकास की दौड़ में पीछे रहे हैं। इन क्षेत्रों को देश के बाकी हिस्सों के बराबर लाना अब सबसे बड़ी प्राथमिकता है।
अमित शाह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में देश का संघीय ढांचा और मजबूत हुआ है। उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय परिषद की लगातार बैठकों से राज्यों और केंद्र के बीच के कई पुराने विवाद समाप्त हुए हैं और अब विकास के मुद्दों पर बेहतर समन्वय बन रहा है।
उन्होंने कहा कि मध्य क्षेत्रीय परिषद में शामिल छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड देश की कृषि, खनिज संपदा, संस्कृति और आस्था के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण राज्य हैं। गृह मंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ लगभग सात राज्यों को जोड़ता है और पूरे मध्य क्षेत्र के विकास में इसकी अहम भूमिका है।


