अभनपुर में 11 पूर्व सरपंचों पर बड़ा एक्शन, गबन मामले में 30 दिन जेल भेजने का आदेश

रायपुर। राजधानी रायपुर के अभनपुर विकासखंड में शासकीय राशि गबन मामले को लेकर बड़ा प्रशासनिक एक्शन सामने आया है। एसडीएम न्यायालय अभनपुर ने 11 पंचायतों के पूर्व सरपंचों को 30 दिनों के लिए सिविल जेल भेजने का आदेश जारी किया है। आदेश सामने आते ही पंचायत स्तर पर हड़कंप मच गया है।
जानकारी के मुताबिक, इन पूर्व सरपंचों पर अपने कार्यकाल के दौरान शासकीय राशि के गबन का आरोप है। प्रशासन ने संबंधित राशि राजकोष में जमा करने के निर्देश दिए थे, लेकिन बार-बार नोटिस और कार्रवाई के बावजूद राशि जमा नहीं की गई।
एसडीएम न्यायालय की ओर से पहले सभी आरोपियों को मांग नोटिस जारी किया गया था। इसके बाद उनकी चल और अचल संपत्ति जब्त करने की प्रक्रिया भी शुरू की गई। प्रशासन का कहना है कि पर्याप्त साधन होने के बावजूद संबंधित पूर्व सरपंच राशि जमा करने में लगातार हीलाहवाली कर रहे थे।
मामले में सभी को कारण बताओ नोटिस भी जारी किया गया था। उनसे पूछा गया था कि आखिर उन्हें जेल क्यों न भेजा जाए। लेकिन किसी भी पूर्व सरपंच ने संतोषजनक जवाब नहीं दिया। इसके बाद 18 मई को एसडीएम न्यायालय ने सभी के खिलाफ सिविल जेल भेजने का आदेश जारी कर दिया।
आदेश के तहत संबंधित पूर्व सरपंचों को 30 दिन या फिर बकाया राशि जमा करने तक जेल में रखा जा सकता है। आदेश की तामिली के लिए संबंधित थाना प्रभारियों को पत्र भेजा गया है। वहीं केंद्रीय जेल रायपुर के अधीक्षक को भी सूचना दी गई है।
जिन पूर्व सरपंचों के खिलाफ कार्रवाई हुई है, उनमें घोंठ के सेवाराम यादव, कुर्रु के गोपाल ध्रुव, आलेखुंटा के गोपेश ध्रुव, खोला के तुलसीराम बारले, परसुलीडीह के रामेश्वर प्रसाद डहरिया, पचेड़ा के थनवार बारले, गोतियारडीह की सावित्री यादव, चंपारण के धर्मेंद्र यदु, घुसेरा के राधेश्याम लहरी, भोथीडीह के तुकाराम कारले और तोरला के सेवेंद्र तारक शामिल हैं।
एसडीएम अभनपुर ने साफ कहा है कि यदि संबंधित पूर्व सरपंच बकाया राशि जमा कर देते हैं तो उन्हें जेल नहीं जाना पड़ेगा।


