जांजगीर-चांपा में 2.21 लाख की चोरी निकली फर्जी, लेनदारों से बचने युवक ने रची साजिश

जांजगीर-चांपा। छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले में 2.21 लाख रुपये की कथित चोरी का मामला चंद घंटों में ही फर्जी निकला। बिर्रा थाना पुलिस की जांच में खुलासा हुआ कि शिकायतकर्ता ने खुद ही चोरी की झूठी कहानी रची थी। पुलिस के मुताबिक, युवक ने कर्जदारों से बचने और उधार की रकम वापस नहीं करने के लिए यह पूरी साजिश तैयार की थी।
जानकारी के अनुसार, बिर्रा थाना क्षेत्र के बनडभरा गांव निवासी नरेश भरद्वाज ने 9 मई को थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। उसने पुलिस को बताया कि 8 मई को उसने अपना खेत 2 लाख 21 हजार रुपये में बेचा था। यह रकम उसने घर की अलमारी में रखी थी और रात में आंगन में सो गया था। सुबह उठने पर अलमारी गायब मिली। बाद में अलमारी पास के खेत में टूटी हालत में मिली, जबकि उसमें रखी नकदी गायब थी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस ने पाया कि शिकायतकर्ता बार-बार थाने आने और फोन उठाने से बच रहा था। इससे पुलिस को संदेह हुआ। टीम ने मौके पर पहुंचकर बारीकी से जांच की और नरेश से कड़ाई से पूछताछ की।
पूछताछ में नरेश भरद्वाज ने पूरी सच्चाई कबूल कर ली। उसने बताया कि गांव के कुछ लोगों से उसने उधार ले रखा था। कर्ज चुकाने से बचने के लिए उसने चोरी की झूठी कहानी बनाई थी। आरोपी ने खुद ही अलमारी को घर से दूर ले जाकर तोड़ा और नकदी निकालकर अपने घर की छत पर छिपा दी थी।
पुलिस ने आरोपी के बताए स्थान से पूरी रकम बरामद कर ली है। इसके बाद रकम को नरेश भरद्वाज को सुपुर्द कर दिया गया। फिलहाल पुलिस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है।


