हसदेव नदी के घाटों पर बड़ी कार्रवाई: रात के अंधेरे में चल रहा था खेल, उड़नदस्ते ने जब्त कीं करोड़ों की मशीनें

सक्ती/जांजगीर-चांपा: छत्तीसगढ़ में खनिज माफियाओं के खिलाफ प्रशासन ने अब तक का सबसे बड़ा सर्च ऑपरेशन चलाया है। बता दें कि 24 और 25 अप्रैल की दरम्यानी रात संचालनालय भौमिकी एवं खनिकर्म के केंद्रीय उड़नदस्ते ने सक्ती और जांजगीर-चांपा जिलों में ताबड़तोड़ छापेमारी की। इस दौरान हसदेव नदी के हथनेवरा घाट पर माफियाओं के बीच हड़कंप मच गया। टीम ने मौके से अवैध उत्खनन में लगी दो बड़ी चैन माउंटेन मशीनें और दो एक्सकेवेटर जब्त किए हैं।
आधी रात को नदी के बीच छापा
दरअसल, सरकार को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि कुछ इलाकों में नियमों को ताक पर रखकर रेत का अवैध उत्खनन किया जा रहा है। इसी पर संज्ञान लेते हुए संचालक खनिज के निर्देश पर जिला स्तरीय संयुक्त जांच टीम ने आकस्मिक निरीक्षण शुरू किया। जब टीम जांजगीर-चांपा के हथनेवरा घाट पहुंची, तो वहां मध्य रात्रि में भारी मशीनों से खुदाई की जा रही थी। अधिकारियों ने घेराबंदी कर मशीनों को रंगे हाथ पकड़ा।
इन इलाकों में भी हुई जांच
इस अभियान के दौरान सक्ती जिले के कई इलाकों में भी दबिश दी गई:
- घुरघट्टी, डोटमा और मरघट्टी खदानों की जांच की गई।
- मिरौनी, सकराली और किकिरदा में भी टीम ने औचक निरीक्षण किया।
- देवरीमठ और करही खदानों में फिलहाल उत्खनन बंद पाया गया।
कोटवार की सुपुर्दगी में मशीनें
गौरतलब है कि ग्राम नवापारा में भी दो बड़ी एक्सकेवेटर मशीनें पकड़ी गई हैं। इन्हें फिलहाल अग्रिम आदेश तक स्थानीय कोटवार की सुपुर्दगी में दे दिया गया है। विभाग ने कुल 4 मशीनों पर जब्ती बनाकर खान एवं खनिज अधिनियम के तहत कड़ा केस दर्ज किया है। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि खनिज संपदा की लूट किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं होगी।
इस पूरी कार्रवाई में संयुक्त संचालक (खनि प्रशासन) भूपेंद्र चंद्राकर, खनि अधिकारी हीरादास भारद्वाज और जिला टास्क फोर्स के अधिकारी डटे रहे। आने वाले दिनों में यह अभियान और तेज होने वाला है।


