हिंसा का रास्ता छोड़ थामी विकास की डोर: मुख्यधारा में लौटे युवाओं पर साय सरकार मेहरबान, दस्तावेजों के साथ अब मिलेगा 25 लाख तक मुफ्त इलाज

छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में आतंक का रास्ता छोड़कर समाज की मुख्यधारा में शामिल होने वाले युवाओं के लिए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की विशेष पहल संजीवनी साबित हो रही है। राज्य सरकार इन पुनर्वासित युवाओं को नया जीवन देने के लिए राशन कार्ड और आधार कार्ड जैसे अनिवार्य दस्तावेज युद्ध स्तर पर उपलब्ध करा रही है ताकि उन्हें पहचान और सम्मान मिल सके। इसी कड़ी में बीजापुर जिला चिकित्सालय में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम के दौरान इन युवाओं को आयुष्मान कार्ड वितरित किए गए जिससे उनके जीवन की सबसे बड़ी चिंता यानी स्वास्थ्य सुरक्षा का समाधान हो गया है। शासन की इस मंशा का स्पष्ट संदेश है कि समाज की मुख्यधारा में लौटने वाले हर हाथ को न सिर्फ सुरक्षा मिलेगी बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए हर सरकारी योजना का कवच भी प्रदान किया जाएगा।
मुफ्त इलाज की अभेद्य दीवार और करोड़ों की स्वास्थ्य सहायता का मिला साथ
प्रशासन द्वारा उठाए गए इन कदमों के तहत अब मुख्यधारा में लौटे युवाओं को आयुष्मान योजनाओं का सीधा लाभ मिलेगा जिससे वे गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए किसी पर निर्भर नहीं रहेंगे। प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना और शहीद वीर नारायण सिंह आयुष्मान योजना के माध्यम से बीपीएल श्रेणी के परिवारों को 5 लाख रुपये और एपीएल परिवारों को 50 हजार रुपये तक के कैशलेस इलाज की सुविधा सुनिश्चित की गई है। सबसे बड़ी राहत मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना के जरिए दी गई है जिसमें दुर्लभ और जानलेवा बीमारियों के उपचार के लिए 25 लाख रुपये तक की विशाल वित्तीय सहायता का प्रावधान है। इन युवाओं को योजना का लाभ उठाने की पूरी प्रक्रिया भी विस्तार से समझाई गई है ताकि वे बिना किसी भटकन के अस्पताल में अपना हक पा सकें।
सम्मानजनक जीवन की ओर मजबूत कदम और युवाओं का जागृत आत्मविश्वास
शासन की यह व्यापक पुनर्वास नीति न केवल इन युवाओं को स्वास्थ्य सुरक्षा प्रदान कर रही है बल्कि उन्हें समाज के अभिन्न अंग के रूप में स्थापित होने के लिए प्रेरित भी कर रही है। वर्षों तक जंगलों में भटकने के बाद अब ये युवा राशन कार्ड और आयुष्मान कार्ड जैसे अधिकारों के साथ अपनी नई और सम्मानजनक पहचान बना रहे हैं। प्रशासन का लक्ष्य इन सभी युवाओं को विभिन्न कौशल विकास योजनाओं से जोड़कर पूरी तरह स्वावलंबी बनाना है ताकि वे समाज के समावेशी विकास में अपना योगदान दे सकें। कार्ड मिलने के बाद युवाओं के चेहरे पर दिखा उत्साह इस बात का प्रमाण है कि शांति और लोकतंत्र का रास्ता ही उनके सुनहरे भविष्य की एकमात्र गारंटी है।


