LPG पर बढ़ी सख्ती! PNG कनेक्शन वालों को मिलेगा नोटिस, सरकार ने शुरू की नई गैस नीति

नई दिल्ली। देश में रसोई गैस व्यवस्था को लेकर केंद्र सरकार बड़ा बदलाव करने जा रही है। सरकार अब पारंपरिक एलपीजी (LPG) सिलेंडरों पर निर्भरता कम कर पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) के उपयोग को बढ़ावा देने की दिशा में तेजी से काम कर रही है। इसी कड़ी में पेट्रोलियम मंत्रालय ने तेल कंपनियों और सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (CGD) कंपनियों को विशेष निर्देश जारी किए हैं।

नई व्यवस्था के तहत उन उपभोक्ताओं को नोटिस भेजे जाएंगे, जिनके पास PNG कनेक्शन होने के बावजूद LPG कनेक्शन भी सक्रिय है। सरकार चाहती है कि जहां पाइप्ड गैस की सुविधा उपलब्ध है, वहां लोग धीरे-धीरे सिलेंडर आधारित व्यवस्था से बाहर निकलें और PNG को अपनाएं।
सरकारी सूत्रों के अनुसार वैश्विक ऊर्जा संकट और अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों ने इस दिशा में कदम उठाने की आवश्यकता बढ़ा दी है। खासकर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज क्षेत्र में तनाव के कारण भारत के ऊर्जा आयात पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। आंकड़ों के मुताबिक भारत अपनी एलपीजी जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात करता है और इसका अधिकांश हिस्सा होर्मुज मार्ग से आता है।
पेट्रोलियम मंत्रालय की ओर से जारी निर्देशों में कहा गया है कि जिन शहरों और क्षेत्रों में गैस पाइपलाइन नेटवर्क उपलब्ध है, वहां उपभोक्ताओं को PNG उपयोग के लिए प्रोत्साहित किया जाए। मंत्रालय ने यह भी संकेत दिया है कि डबल कनेक्शन रखने वाले उपभोक्ताओं की पहचान कर उन्हें नियमों के अनुसार नोटिस जारी किए जाएंगे।
बताया जा रहा है कि तेल विपणन कंपनियों (OMCs) को प्रत्येक एलपीजी सिलेंडर पर भारी वित्तीय बोझ उठाना पड़ रहा है। इसी कारण सरकार गैस वितरण व्यवस्था को अधिक प्रभावी और टिकाऊ बनाने पर जोर दे रही है।
पीआईबी की जानकारी के अनुसार तेल कंपनियों और CGD एजेंसियों को ऐसे उपभोक्ताओं का डेटा मिलान करने के निर्देश दिए गए हैं, जिनके पास दोनों प्रकार के कनेक्शन मौजूद हैं। आने वाले समय में ऐसे उपभोक्ताओं को अपने गैस कनेक्शन संबंधी स्थिति स्पष्ट करनी पड़ सकती है।


