वेदांता पावर प्लांट हादसा: चेयरमैन समेत 19 पर एफआईआर, पूर्व मुख्यमंत्री ने सरकार से रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग की

छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले में स्थित वेदांता पावर प्लांट में हुए हादसे की जांच में प्रबंधन की लापरवाही सामने आने के बाद पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने वेदांता ग्रुप के चेयरमैन अनिल अग्रवाल और प्लांट हेड देवेंद्र पटेल सहित 19 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।
इस मामले में राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सरकार को घेरते हुए सवाल उठाए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कहा कि सक्ती हादसे में 20 लोगों की मौत पर एफआईआर तो दर्ज कर ली गई है, लेकिन सरकार इसे सार्वजनिक नहीं कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता को यह जानने का पूरा अधिकार है कि किन व्यक्तियों के खिलाफ और किन कानूनी धाराओं के तहत मामला दर्ज हुआ है।
भूपेश बघेल ने पुरानी घटना का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि पहले भी इसी कंपनी में हादसे के दौरान करीब 40 लोगों की जान गई थी, लेकिन तब की भाजपा सरकार ने मामले में लीपापोती करते हुए मालिकों और ठेकेदारों को बचा लिया था। उन्होंने मांग की है कि इस बार ऐसी पुनरावृत्ति नहीं होनी चाहिए और दोषी चाहे कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो, उस पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए।
उल्लेखनीय है कि 14 अप्रैल को वेदांता पावर प्लांट में हुए बॉयलर ब्लास्ट में अब तक 20 मजदूरों की मृत्यु हो चुकी है और 16 घायल श्रमिक अस्पतालों में उपचाररत हैं। आधिकारिक जानकारी के अनुसार, मृतकों में 5 मजदूर छत्तीसगढ़ के हैं, जबकि शेष 15 अन्य राज्यों के निवासी थे। प्रशासन मामले की गंभीरता से जांच कर रहा है।




