मुख्यमंत्री ग्रामीण बस सेवा योजना से वनांचलों में सुगम हुआ आवागमन, चार नए मार्गों पर बसों का संचालन शुरू

बलरामपुर। छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में संचालित मुख्यमंत्री ग्रामीण बस सेवा योजना ग्रामीण क्षेत्रों की परिवहन व्यवस्था के लिए जीवनदायिनी साबित हो रही है। इस योजना के अंतर्गत जिले के दूरस्थ जनजातीय गांवों को जिला एवं विकासखंड मुख्यालयों से जोड़ने के लिए चार नई बस सेवाओं की शुरुआत की गई है। इस पहल से उन क्षेत्रों में नियमित परिवहन सुविधा उपलब्ध हो गई है, जहां पहले ग्रामीणों को आवागमन के लिए भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता था।
योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से अब वनांचल के विद्यार्थी समय पर स्कूल और कॉलेज पहुंच पा रहे हैं, वहीं किसानों को अपनी उपज बाजार तक ले जाने में आसानी हो रही है। राजपुर, रामानुजगंज, शंकरगढ़ और वाड्रफनगर के अनेक अंदरूनी गांव अब सीधे बस सेवा से जुड़ गए हैं, जिससे ग्रामीणों के समय और धन दोनों की बचत हो रही है। पूर्व में इन क्षेत्रों के निवासियों को लंबी दूरी पैदल तय करनी पड़ती थी या निजी साधनों के लिए अधिक व्यय करना पड़ता था।
परिवहन सुविधाओं के विस्तार के तहत जिले में चार प्रमुख मार्गों का चयन किया गया है। इसमें राजपुर से नरसिंहपुर (व्हाया परसागुड़ी, चिलमा कला), रामानुजगंज से भीतरचुरा (व्हाया रामचंद्रपुर, बाहरचुरा, चरगढ़, चेरवाडीह), शंकरगढ़ से पटना (व्हाया जगिमा, डीपाडीहखुर्द, हरगावां, घुघरीखुर्द, चलगली) और रामानुजगंज से वाड्रफनगर (व्हाया छतवा, लोधा, डाटम, विमलापुर, डिण्डो, सलवाही, कसरईया, गोबरा, फुलीडुमर) के बीच बस सेवाएं संचालित की जा रही हैं।
बस सेवा का लाभ उठा रहे ग्रामीणों का कहना है कि अब अस्पताल, बाजार और अन्य आवश्यक कार्यों के लिए उन्हें निजी वाहनों पर निर्भर नहीं रहना पड़ता। विशेष रूप से महिलाओं और बुजुर्गों के लिए यात्रा पहले की तुलना में अधिक सुरक्षित और सुविधाजनक हो गई है। शासन की इस योजना ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति देने के साथ-साथ सुदूर वनांचलों में रहने वाले लोगों के जीवन स्तर में सकारात्मक सुधार किया है।




