Naxalism Ends in Gariaband: गरियाबंद से नक्सलवाद का पूरी तरह सफाया, 31 बड़े माओवादी ढेर और 1 करोड़ से ज्यादा कैश बरामद; देखें जवानों की बड़ी जीत

गरियाबंद। छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के पूर्ण समाप्ति के बीच गरियाबंद जिले में सुरक्षाबलों ने वर्ष 2024 से अब तक सात टॉप कैडर समेत 31 माओवादियों को मार गिराया। इनमें सेंट्रल कमिटी के चलपति और मनोज उर्फ मोडेम बालाकृष्णना जैसे शीर्ष नक्सली शामिल हैं। साथ ही पुनर्वास नीति के तहत 29 माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया।
जिले में सुरक्षाबलों ने कई अभियानों में महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त की। 25 जनवरी 2024 को टोरीभुई-सिकासेर क्षेत्र में मुठभेड़ में माड़ एरिया के कंपनी नंबर 5 के सदस्य पार्वती को ढेर किया गया। 19 से 23 जनवरी को बेसराझर-भालूडिग्गी के पहाड़ों में पांच दिवसीय मुठभेड़ में सीसी-चलपति, एसजेडसीएम-सत्यम गावडे, जयराम उर्फ गुड्डू और आलोक सहित 16 माओवादी मारे गए। 11-12 सितंबर 2025 को मेटाल-भालूडिग्गी की मुठभेड़ में सीसी-मनोज उर्फ मोडेम बालाकृष्णना, एससीएम-प्रमोद उर्फ पाण्डू और विमल उर्फ सुरेन्द्र सहित 10 माओवादी ढेर किए गए।
नक्सलवाद उन्मूलन की समयसीमा के बाद 7 नवंबर 2025 को उदंती एरिया कमेटी, 19 जनवरी 2026 को एसडीके और सीनापाली एरिया कमेटी तथा 23 जनवरी 2026 को सीतानदी एरिया कमेटी ने आत्मसमर्पण किया।
सुरक्षाबलों ने अभियानों के दौरान माओवादियों से 31 ग्रेडेड और 44 अन्य सहित कुल 75 हथियार, 304 इलेक्ट्रिक डेटोनेटर, 22 नॉन इलेक्ट्रिक डेटोनेटर, 14 आईईडी बम, 114.49 मीटर कॉर्डेक्स वायर, 89 बीजीएल सेल और एक करोड़ आठ लाख 81 हजार 500 रुपये की राशि जब्त की।



