महतारी वंदन योजना बनी सहारा: पति के दिव्यांग होने के बाद भी फरिदा बेगम ने नहीं हारी हिम्मत…

छत्तीसगढ़ में महिलाओं को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने के उद्देश्य से राज्य सरकार विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाएं संचालित कर रही है। इन्हीं में से एक महत्वपूर्ण योजना महतारी वंदन योजना है, जिसके माध्यम से महिलाओं को आर्थिक सहायता प्रदान कर उन्हें सम्मानजनक जीवन जीने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।
ऐसी ही एक प्रेरणादायक कहानी सामने आई है Kondagaon जिले के नहरपारा निवासी फरिदा बेगम की, जिन्होंने कठिन परिस्थितियों के बावजूद हार नहीं मानी और अपने परिवार को संभालने का साहसिक उदाहरण पेश किया।
पति के दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद बढ़ी जिम्मेदारी...
फरिदा बेगम बताती हैं कि कुछ समय पहले उनके पति का सड़क दुर्घटना में गंभीर एक्सीडेंट हो गया था। इस दुर्घटना के कारण वे दिव्यांग हो गए और अब किसी भी प्रकार का काम करने में असमर्थ हैं। पहले से ही कमजोर आर्थिक स्थिति के कारण परिवार के सामने बड़ा संकट खड़ा हो गया था।
छोटे फैंसी स्टोर से चला रही परिवार...
विपरीत परिस्थितियों में भी फरिदा बेगम ने हार नहीं मानी। उन्होंने अपने घर में ही एक छोटा सा फैंसी स्टोर शुरू किया। इस दुकान से होने वाली थोड़ी-बहुत आय से ही वे परिवार का खर्च चला रही हैं।
महतारी वंदन योजना से मिली बड़ी राहत...
फरिदा बताती हैं कि Mahtari Vandan Yojana के तहत मिलने वाली 1000 रुपये प्रतिमाह की सहायता राशि उनके लिए बड़ी राहत साबित हो रही है। वे इस राशि को दो-तीन महीने तक जमा करती हैं और फिर उससे अपनी दुकान के लिए नया सामान खरीदती हैं, जिससे उनका छोटा व्यवसाय लगातार चलता रहता है।
बेटी की पढ़ाई में भी कर रहीं सहयोग...
फरिदा बेगम अपनी बेटी की पढ़ाई में भी सहयोग कर रही हैं। उनकी बेटी उच्च शिक्षा के लिए घर से बाहर रहकर पढ़ाई कर रही है, जिसका खर्च उठाने में भी यह सहायता राशि मददगार साबित हो रही है।
मुख्यमंत्री के प्रति जताया आभार...
फरिदा बेगम का कहना है कि इस योजना से उन्हें आर्थिक संबल मिला है और कठिन परिस्थितियों में भी परिवार को संभालने का आत्मविश्वास बढ़ा है। उन्होंने इस सहयोग के लिए मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai, राज्य शासन और महिला एवं बाल विकास विभाग के प्रति आभार व्यक्त किया।



