गर्मी ने बढ़ाया खतरा: दूषित पानी से पीलिया-टायफाइड का डर, हजारों मरीज सामने

रायपुर। छत्तीसगढ़ में तेज गर्मी और पानी की कमी के बीच जलजनित बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। गंदे पानी के इस्तेमाल से पीलिया और टायफाइड के मरीज लगातार सामने आ रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार इस साल अब तक लक्षण आधारित टायफाइड के 8,756 मरीज मिले हैं, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह संख्या ज्यादा थी। लैब से पुष्टि वाले मामलों में भी गिरावट दर्ज की गई है, जो राहत की बात मानी जा रही है।
महामारी संचालक डॉ. सुरेंद्र पामभोई के मुताबिक, इस साल तीव्र हेपेटाइटिस के मामले भी कम हैं और अब तक किसी मरीज की मौत नहीं हुई है। साप्ताहिक रिपोर्ट के अनुसार स्थिति पिछले साल के मुकाबले नियंत्रण में है और हेपेटाइटिस ई या हैजा का कोई मामला सामने नहीं आया है।
लापरवाही पड़ी भारी तो जान का खतरा, साफ पानी और जांच ही बचाव
विशेषज्ञों का कहना है कि टायफाइड और पीलिया दोनों ही दूषित पानी और गंदगी से फैलते हैं। बुखार, थकान, पीलापन, पेट दर्द जैसे लक्षण दिखते ही तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है, क्योंकि देरी जानलेवा साबित हो सकती है। बिना जांच दवा लेने और गलत एंटीबायोटिक इस्तेमाल से बीमारी और गंभीर हो सकती है।
स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि केवल उबला या फिल्टर किया हुआ पानी पिएं, हाथों की साफ-सफाई रखें और बाहर का अधपका खाना खाने से बचें। डॉक्टरों के अनुसार समय पर जांच और सही इलाज से इन बीमारियों को आसानी से नियंत्रित किया जा सकता है, लेकिन लापरवाही बड़ी परेशानी बन सकती है।


