Operation Antim Prahar: गढ़चिरौली-नारायणपुर सीमा पर माओवादियों का हथियार फैक्ट्री ध्वस्त, भारी मात्रा में विस्फोटक बरामद

नारायणपुर/गढ़चिरौली। छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र की सीमा से सुरक्षा बलों को बड़ी कामयाबी मिली है। गढ़चिरौली और नारायणपुर पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए जंगलों में छिपाकर चलाए जा रहे माओवादियों के हथियार निर्माण केंद्र का भंडाफोड़ किया है। इस ऑपरेशन में भारी मात्रा में हथियार, विस्फोटक और हथियार बनाने की सामग्री बरामद की गई। सुरक्षा एजेंसियों ने मौके पर ही कई खतरनाक सामग्री को नष्ट भी कर दिया।
यह कार्रवाई “Operation Antim Prahar” के तहत की गई। पुलिस को यह सफलता आत्मसमर्पण कर चुके माओवादियों से मिली गोपनीय सूचना के आधार पर मिली। बताया गया कि महाराष्ट्र-छत्तीसगढ़ सीमा के घने जंगलों में माओवादी संगठन गुप्त रूप से हथियार और विस्फोटक तैयार कर रहे थे।
सर्च ऑपरेशन के दौरान जवानों ने 1 इंसास रायफल, 2 सिंगल शॉट रायफल, 2 बारह बोर रायफल और 18 जिंदा कारतूस बरामद किए। इसके अलावा 25 किलो IED विस्फोटक, 2 Claymore Mine, 110 डेटोनेटर, Cortex Wire, 500 से ज्यादा BGL सेल, 7 BGL Launcher और 3 Tube Launcher भी जब्त किए गए।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, माओवादी इन हथियारों का इस्तेमाल सुरक्षा बलों पर हमले, चुनावी हिंसा और नक्सल सप्ताह के दौरान बड़ी घटनाओं के लिए करते थे। जंगलों में जमीन के नीचे विस्फोटक और हथियार छिपाकर रखे जाते थे।
अभियान में गढ़चिरौली पुलिस, प्राणहिता स्पेशल ऑपरेशन स्क्वॉड, नारायणपुर DRG और BDDS की संयुक्त टीम शामिल रही। 27 मई को काकूर थाना क्षेत्र के जंगलों में बड़े स्तर पर तलाशी अभियान चलाया गया। इसी दौरान हथियार निर्माण का पूरा नेटवर्क सामने आया।
बरामद सामग्री में लेथ मशीन, मोटर, ग्राइंडर, इन्वर्टर, बैटरी, वायर बंडल और सोलर प्लेट जैसी चीजें भी शामिल हैं। पुलिस का कहना है कि इनका इस्तेमाल देसी हथियार और विस्फोटक तैयार करने में किया जा रहा था।
SP M. Ramesh ने कहा कि सुरक्षा बल लगातार माओवादी गतिविधियों के खिलाफ कार्रवाई कर रहे हैं। उन्होंने अभियान में शामिल जवानों की सराहना की और कहा कि क्षेत्र में शांति बनाए रखने के लिए अभियान आगे भी जारी रहेगा।



