डिफेंस सेक्टर में बड़ी डील की तैयारी: भारत और इजरायल मिलकर बनाएंगे घातक मिसाइलें और लेजर हथियार

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 25 फरवरी से इजरायल की यात्रा पर जा रहे हैं। इस दौरे से पहले इजरायल ने भारत को इस्लामी कट्टरपंथ से मुकाबले के लिए छह पक्षीय गठबंधन बनाने का प्रस्ताव दिया है।
इजरायल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने कहा है कि भारत को अफ्रीकी और अरब देशों के साथ प्रस्तावित छह पक्षीय गठबंधन में शामिल होना चाहिए। उन्होंने इसे हेक्सागन ऑफ एलायंस की अवधारणा बताते हुए कहा कि इसका उद्देश्य कट्टरपंथी ध्रुवों के खिलाफ समान सोच वाले देशों को एक मंच पर लाना है।
दोनों देशों के संबंधों पर जोर
नेतन्याहू ने सोशल मीडिया पर प्रधानमंत्री मोदी को अपना प्रिय मित्र बताया और भारत-इजरायल संबंधों को मजबूत रणनीतिक साझेदारी करार दिया। उन्होंने कहा कि दोनों देश नवाचार, सुरक्षा और साझा रणनीतिक दृष्टिकोण में भागीदार हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने भी प्रतिक्रिया देते हुए भारत और इजरायल के बीच अटूट मित्रता को विश्वास, नवाचार और शांति व प्रगति की साझा प्रतिबद्धता पर आधारित बताया। उन्होंने आगामी यात्रा के दौरान विस्तृत चर्चा की उम्मीद जताई।
रक्षा सहयोग पर चर्चा की संभावना
रक्षा विशेषज्ञ लेफ्टिनेंट कर्नल जेएस सोढ़ी के अनुसार भारत और इजरायल लंबे समय से रणनीतिक सहयोगी रहे हैं। दोनों देश आतंकवाद और कट्टरपंथ से प्रभावित रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि दोनों देशों के बीच बैलिस्टिक मिसाइल शील्ड, लेजर हथियार, ड्रोन और लंबी दूरी की मिसाइलों के संयुक्त विकास पर चर्चा हो सकती है।
इसके अलावा उन्नत रक्षा प्रणालियों जैसे Iron Dome, David’s Sling और Arrow missile system पर सहयोग बढ़ाने की संभावना भी जताई जा रही है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि कोई व्यापक रक्षा समझौता होता है तो यह क्षेत्रीय संतुलन पर प्रभाव डाल सकता है।
2017 के बाद दूसरा दौरा
प्रधानमंत्री मोदी का यह 2017 के बाद इजरायल का दूसरा दौरा होगा। यह यात्रा गाजा में लंबे संघर्ष के बाद हुए युद्धविराम के कुछ महीनों पश्चात हो रही है। दोनों प्रधानमंत्रियों के व्यक्तिगत और रणनीतिक संबंधों पर इस यात्रा के दौरान विशेष ध्यान रहने की संभावना है।


