रायपुर आम महोत्सव का भव्य समापन, बृजमोहन अग्रवाल बोले- गांवों में फिर लौटे अमराई की परंपरा

रायपुर। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित तीन दिवसीय राष्ट्रीय आम महोत्सव का रविवार को भव्य समापन हुआ। समापन समारोह में रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में आम का विशेष महत्व है और गांवों में अमराई यानी आम के बगीचे लगाने की परंपरा को फिर से जीवित करने की जरूरत है।
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि पहले गांवों में जनसहयोग से आम के बगीचे लगाए जाते थे। समय के साथ यह परंपरा धीरे-धीरे खत्म होती गई। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण और ग्रामीण संस्कृति को मजबूत करने के लिए अमराई की परंपरा को पुनर्जीवित करना जरूरी है।
29 से 31 मई तक आयोजित इस National Mango Festival का आयोजन इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, संचालनालय उद्यानिकी एवं प्रक्षेत्र वानिकी तथा प्रकृति की ओर सोसायटी के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। कार्यक्रम में आम की व्यावसायिक, संकर, विशिष्ट, एक्जोटिक और देशी किस्मों की प्रदर्शनी लगाई गई। उत्कृष्ट प्रादर्शों को प्रथम, द्वितीय, तृतीय और सांत्वना पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।
सांसद अग्रवाल ने बताया कि महोत्सव में देशभर के 400 से अधिक किसानों ने भाग लिया। यहां आम की 250 से ज्यादा किस्मों के करीब 2 हजार प्रादर्श प्रदर्शित किए गए। तीन दिनों के दौरान बड़ी संख्या में लोगों ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया। आयोजन के दौरान आम और पौधों की लगभग 20 से 25 लाख रुपये तक की बिक्री भी हुई।
कार्यक्रम की अध्यक्षता इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल ने की। उन्होंने कहा कि यह लगातार तीसरा वर्ष है जब राष्ट्रीय आम महोत्सव का आयोजन किया गया और हर साल लोगों का उत्साह बढ़ता जा रहा है। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ की जलवायु आम उत्पादन के लिए बेहद अनुकूल है। राज्य में करीब एक लाख हेक्टेयर क्षेत्र में आम की खेती हो रही है।
महोत्सव में Mango Quiz, Mango Recipe Competition, Mango Decoration, Fancy Dress Competition समेत कई प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। आम से बने अचार, चटनी, आमरस, जैम, पना, शर्बत और अन्य उत्पादों की भी प्रदर्शनी लगाई गई। प्रसिद्ध शेफ आकांक्षा रॉय ने आम से बनने वाले विशेष व्यंजनों का प्रदर्शन किया।
कार्यक्रम में आम उत्पादक किसानों के लिए तकनीकी सत्र भी आयोजित किए गए, जहां विशेषज्ञों ने Mango Production Technology और सरकारी योजनाओं की जानकारी दी। समापन समारोह में कृषि वैज्ञानिक, किसान, छात्र-छात्राएं और बड़ी संख्या में आम प्रेमी मौजूद रहे।


