मनेंद्रगढ़ में कटगोड़ी हत्याकांड के मुख्य आरोपी मनोज त्रिपाठी समेत 4 का आत्मसमर्पण: पुलिस ने भेजा बैकुंठपुर जेल, अब तक 8 लोग गिरफ्तार

कोरिया
छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले से जुड़े बेहद चर्चित और रूह कंपा देने वाले कटगोड़ी हत्याकांड में एक बहुत बड़ा अपडेट सामने आया है। इस पूरे मामले के मुख्य आरोपी और भाजपा नेता मनोज त्रिपाठी ने अपने तीन अन्य साथियों के साथ मिलकर मनेंद्रगढ़ कोतवाली थाने में पुलिस के सामने आत्मसमर्पण यानी सरेंडर (Surrender) कर दिया है। पुलिस ने चारों आरोपियों को तुरंत हिरासत में लेकर कागजी कार्रवाई पूरी की और उन्हें स्थानीय न्यायालय में पेश किया। कोर्ट के आदेश के बाद पुलिस ने सभी आरोपियों को कड़ी सुरक्षा के बीच बैकुंठपुर जेल भेज दिया है। इस बड़ी कामयाबी के बाद पुलिस की टीमें राहत की सांस ले रही हैं।
सरेंडर करने वालों में त्रिपाठी परिवार के चार लोग शामिल, एक आरोपी अब भी फरार
मनेंद्रगढ़ कोतवाली पुलिस के मुताबिक कानून के बढ़ते दबाव और लगातार हो रही छापेमारी की वजह से मुख्य आरोपी मनोज त्रिपाठी के पास आत्मसमर्पण करने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा था। मनोज के साथ सरेंडर करने वाले अन्य आरोपियों में अमन त्रिपाठी, आशुतोष त्रिपाठी और निशांत त्रिपाठी शामिल हैं। आपको बता दें कि पुलिस इस मामले में पहले ही चार अन्य आरोपियों – अक्षय त्रिपाठी, विशाल त्रिपाठी, सत्यप्रकाश त्रिपाठी और मन्नू त्रिपाठी को गिरफ्तार कर चुकी है। इस तरह इस नृशंस हत्याकांड में अब तक कुल आठ लोग सलाखों के पीछे पहुंच चुके हैं, जबकि एक आरोपी अभी भी फरार चल रहा है।
रेत खदान के विवाद में फॉर्च्यूनर कार में पेट्रोल डालकर तीन लोगों को जिंदा जलाया था
यह पूरी खौफनाक वारदात सोलह जून की रात को कोरिया जिले के ग्राम कटगोड़ी में हुई थी। पुलिस जांच में यह बात सामने आई है कि दोनों पक्षों के बीच काफी समय से रेत उत्खनन यानी रेत की अवैध खुदाई और खदान के ठेके को लेकर पुराना विवाद चल रहा था। घटना से एक दिन पहले मृतकों के किसी रिश्तेदार ने आरोपियों के साथ मारपीट की थी। इसी बात का बदला लेने के लिए आरोपियों ने सुलह और बातचीत करने के बहाने भाजपा नेता भरत सिंह गहरवार उर्फ लल्ला सिंह को गांव में बुलाया था। लल्ला सिंह जैसे ही अपने साथियों के साथ फॉर्च्यूनर गाड़ी से वहां पहुंचे, आरोपियों ने सोची-समझी साजिश के तहत वारदात को अंजाम दे डाला।
भीषण हमले में तड़प-तड़प कर गई थी जान, पुलिस कर रही है बाकी आरोपियों की तलाश
लोकल चश्मदीदों और पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, आरोपियों ने सबसे पहले एक बड़े टिपर (भारी सामान ढोने वाला डंपर ट्रक) से लल्ला सिंह की फॉर्च्यूनर गाड़ी को जोरदार टक्कर मारकर उसे पूरी तरह से डैमेज यानी क्षतिग्रस्त कर दिया। इसके बाद आरोपियों ने पूरी गाड़ी पर पेट्रोल छिड़ककर उसमें आग लगा दी। आग की लपटों से बचने के लिए जब लल्ला सिंह के साथी गाड़ी से बाहर कूदने लगे, तो आरोपियों ने उन्हें लाठी-डंडों से बेरहमी से पीटकर वापस जलती हुई गाड़ी के अंदर धकेल दिया। इस दर्दनाक हादसे में लल्ला सिंह की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि उनके दो साथियों – वीरेंद्र सिंह और नागेंद्र सिंह ने अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया था। पुलिस प्रशासन का कहना है कि फरार चल रहे आखिरी आरोपी को भी जल्द ही पकड़ लिया जाएगा।



