सूरजपुर के झिंगरामाड़ा जंगल में तीन भालुओं की दर्दनाक मौत: हाई टेंशन लाइन का तार टूटने से करंट लगने की आशंका, वन विभाग में मचा हड़कंप

सूरजपुर
छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले से वन्यजीव प्रेमियों को झकझोर देने वाली एक बेहद दुखद खबर सामने आ रही है। जिले के प्रतापपुर वन परिक्षेत्र के अंतर्गत आने वाले झिंगरामाड़ा जंगल में एक साथ तीन भालुओं के शव मिलने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। मरने वाले भालुओं में एक नर, एक मादा और उनका एक छोटा बच्चा यानी शावक शामिल है। एक ही जगह पर पूरे भालू परिवार की मौत की खबर फैलते ही वन विभाग के आला अधिकारी और मैदानी अमला तुरंत हरकत में आ गया। इस घटना के बाद से जंगल के आसपास रहने वाले ग्रामीणों में भी भारी शोक और चिंता का माहौल देखा जा रहा है।
आंधी-तूफान के कारण टूटा था बिजली का तार, चपेट में आने से बुझ गया पूरा भालू परिवार
जंगल के भीतर से आ रही शुरुआती और जमीनी जानकारी के अनुसार, इन तीनों भालुओं की मौत बिजली का जोरदार करंट लगने की वजह से होने की आशंका जताई जा रही है। स्थानीय लोगों के मुताबिक पिछले दिनों क्षेत्र में आए तेज आंधी-तूफान और खराब मौसम के चलते जंगल के बीच से गुजरी हाई टेंशन बिजली लाइन (High Tension Power Line) का एक बड़ा तार टूटकर जमीन पर गिर गया था। हाई टेंशन लाइन का मतलब होता है बहुत ज्यादा पावर वाली बिजली की मुख्य तारें, जिनमें करंट का झटका बेहद जानलेवा होता है। आशंका है कि रात के अंधेरे में भोजन और पानी की तलाश में घूम रहा यह भालू परिवार जमीन पर पड़े इसी लाइव वायर यानी चालू तार की चपेट में आ गया और तीनों की मौके पर ही तड़प-तड़प कर मौत हो गई।
तीन डॉक्टरों की टीम ने जंगल में ही किया पोस्टमार्टम, अंतिम संस्कार कर दी गई विदाई
हादसे की खबर जैसे ही वन विभाग को मिली, प्रतापपुर के रेंजर और डॉक्टरों की एक विशेष टीम बिना वक्त गंवाए सीधे ग्राउंड जीरो यानी घटना स्थल पर पहुंच गई। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए विभाग ने तीन सदस्यीय पशु चिकित्सकों (Veterinary Doctors) की एक एक्सपर्ट टीम बुलाई। इस टीम ने जंगल के भीतर ही तीनों मृत भालुओं का नियम के अनुसार पोस्टमार्टम (Postmortem) किया। डॉक्टरों की टीम ने भालुओं के शरीर के जरूरी अंगों के सैंपल भी लिए हैं। पोस्टमार्टम की कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद वन विभाग के अधिकारियों ने अपनी देखरेख में तय सरकारी नियमों का पालन करते हुए तीनों भालुओं के शवों का वहीं पर अंतिम संस्कार कर दिया।
जांच रिपोर्ट आने के बाद तय होगी बिजली विभाग की जिम्मेदारी, सुरक्षा को लेकर उठे गंभीर सवाल
वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि वे इस पूरे मामले की हर एंगल से बहुत बारीकी से जांच कर रहे हैं। डॉक्टरों की फाइनल पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही भालुओं की मौत के असली और आधिकारिक कारणों का पूरी तरह से खुलासा हो पाएगा। हालांकि, अगर रिपोर्ट में करंट लगने से ही मौत की पुष्टि होती है, तो यह बिजली विभाग की बड़ी लापरवाही मानी जाएगी। आंधी-तूफान के बाद समय रहते बिजली सप्लाई बंद न करने और टूटे तार को न हटाने को लेकर बिजली विभाग की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठना लाजिमी है। वन विभाग ने भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए पूरे परिक्षेत्र का निरीक्षण (Inspection) शुरू कर दिया है।
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