खेतों तक समय पर पहुंच रहे खाद-बीज, किसानों की बढ़ी उम्मीदें

रायपुर। छत्तीसगढ़ में किसानों को समय पर खाद, बीज और अन्य कृषि सामग्री उपलब्ध कराने की व्यवस्था का असर अब गांवों में दिखाई देने लगा है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार और सहकारिता विभाग द्वारा किए जा रहे प्रयासों से किसानों को खेती के मौसम में जरूरी कृषि आदान आसानी से मिल रहे हैं। इससे किसानों का भरोसा बढ़ा है और खेती के प्रति उनका उत्साह भी पहले से अधिक हुआ है।

गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के विकासखंड गौरेला अंतर्गत ग्राम पंचायत लालपुर के प्रगतिशील किसान विष्णु राठौर इसका एक उदाहरण हैं। धान के साथ विभिन्न सब्जियों की खेती करने वाले श्री राठौर का कहना है कि पहले खेती के सीजन में खाद और बीज की उपलब्धता को लेकर परेशानी होती थी। कई बार जरूरी सामग्री समय पर नहीं मिलने से बुआई और फसल प्रबंधन प्रभावित हो जाता था।
उन्होंने बताया कि अब सहकारी समिति के माध्यम से उन्हें जरूरत के अनुसार उन्नत बीज, डीएपी, रासायनिक खाद और नैनो यूरिया समय पर मिल रहे हैं। इससे खेती की योजना बेहतर तरीके से बन पा रही है और फसलों को सही समय पर पोषण मिल रहा है।
किसान विष्णु राठौर के अनुसार संतुलित उर्वरकों और नैनो यूरिया के उपयोग से धान की फसल में अच्छी बढ़वार हुई है। उत्पादन में भी वृद्धि दर्ज की गई है। वहीं सब्जियों की गुणवत्ता बेहतर हुई है और पैदावार बढ़ने से आय में भी इजाफा हुआ है। उनका कहना है कि समय पर कृषि सामग्री मिलने से खेती की लागत नियंत्रित रहती है और कामकाज भी आसान हो जाता है।
उन्होंने राज्य सरकार और सहकारिता विभाग की व्यवस्था की सराहना करते हुए कहा कि अब किसानों को खाद-बीज के लिए इधर-उधर भटकना नहीं पड़ता। सहकारी समितियों में पर्याप्त उपलब्धता होने से खेती का काम समय पर पूरा हो जाता है।
कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि समय पर कृषि आदानों की उपलब्धता और आधुनिक खेती पद्धतियों को बढ़ावा मिलने से प्रदेश की कृषि व्यवस्था मजबूत हो रही है। किसान-केंद्रित योजनाओं और बेहतर वितरण व्यवस्था का लाभ सीधे किसानों तक पहुंच रहा है। विष्णु राठौर जैसे किसानों की सफलता अब क्षेत्र के अन्य किसानों को भी नई सोच और बेहतर खेती के लिए प्रेरित कर रही है।



