महासमर का आगाज: होर्मुज की लहरों पर ईरान का भीषण पलटवार

ईरान ने 48 घंटों के भीतर अमेरिका और इजराइल के अहंकार को मिट्टी में मिलाते हुए समंदर के सबसे संवेदनशील रास्ते पर अपना शिकंजा कस लिया है। इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड ने रविवार को अपने जहाज पर हुए हमले का हिसाब चुकता करते हुए दो विदेशी जहाजों को युद्धस्तर पर घेराबंदी कर अपने कब्जे में ले लिया है। लाइबेरिया और पनामा के झंडे वाले इन जहाजों पर ईरानी कमांडो ने न केवल गोलियां बरसाईं बल्कि ओमान के करीब उन्हें चारों तरफ से घेरकर सरेंडर करने पर मजबूर कर दिया। तेहरान ने साफ कर दिया है कि यह कार्रवाई समुद्री नियमों के उल्लंघन के चलते की गई है और यहूदी शासन से जुड़े हर हित को अब इसका खामियाजा भुगतना होगा।
समुद्री सीमा पर ईरान की आक्रामक घेराबंदी
मिसाइल तकनीक के नाम पर अमेरिका द्वारा जब्त किए गए ईरानी जहाज के जवाब में अब होर्मुज जलडमरूमध्य रणक्षेत्र में बदल चुका है। आईआरजीसी ने एमएससी फ्रांसेस्का और एपामिनोड्स नामक जहाजों को अपने नियंत्रण में लेकर वैश्विक व्यापारिक गलियारे में हड़कंप मचा दिया है। इसी बीच ग्रीक के एक तीसरे जहाज पर भी हमले की खबरें सामने आई हैं जिससे साफ है कि ईरान अब रुकने के मूड में नहीं है। अमेरिका के सेंटकॉम ने भले ही ईरानी जहाज को रोक रखा हो लेकिन तेहरान ने पलटवार करते हुए होर्मुज की चाबी अपने हाथ में ले ली है और किसी भी इजराइली कनेक्शन वाले जहाज के लिए रास्ता पूरी तरह बंद करने की रणनीति तैयार कर ली है।
पार्लियामेंट में 12 सूत्रीय डेथ वारंट तैयार
ईरानी संसद में पेश किया गया नया 12 सूत्रीय प्लान अंतरराष्ट्रीय नौवहन के लिए किसी खतरे की घंटी से कम नहीं है। इस नए कानून के तहत अब होर्मुज से गुजरने वाले हर उस जहाज पर कार्रवाई होगी जो फारस की खाड़ी के अस्तित्व को चुनौती देगा या इजराइल का मित्र होगा। इतना ही नहीं ईरान ने अब इस रास्ते से गुजरने के बदले ईरानी रियाल में टोल वसूलने का फैसला किया है जो अमेरिकी डॉलर के वर्चस्व पर सीधा प्रहार है। नियमों की अनदेखी करने वाले जहाजों को न केवल जब्त किया जाएगा बल्कि उनके कुल माल का 20 प्रतिशत हिस्सा जुर्माने के तौर पर वसूलकर ईरान अपनी संप्रभुता का लोहा मनवाने की तैयारी कर चुका है।




