गाड़ी खरीदते ही जेब पर नहीं पड़ेगा बोझ: बीमा-एसेसरीज थोपने पर सख्त कार्रवाई के आदेश

रायपुर। नए वाहन खरीदारों के लिए बड़ा फैसला लिया गया है। छत्तीसगढ़ परिवहन विभाग ने स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि अब कोई भी वाहन डीलर ग्राहकों पर बीमा और एसेसरीज खरीदने का दबाव नहीं बना सकेगा। शिकायत मिलने पर संबंधित डीलर के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। यह कार्रवाई केन्द्रीय मोटरयान नियम 1989 के नियम 34 से 44 के तहत की जाएगी। यह फैसला उस शिकायत के बाद आया, जिसमें एक ग्राहक से जबरन बीमा और एसेसरीज लेने का दबाव बनाया गया था।
नियम साफ, मजबूरी खत्म, ग्राहक को पूरा अधिकार
परिवहन विभाग ने आदेश में साफ किया है कि वाहन खरीदार को किसी खास डीलर या स्रोत से बीमा या एसेसरीज लेने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता। इसे अनुचित व्यापार व्यवहार माना गया है और यह कानून के खिलाफ है। मोटर वाहन अधिनियम 1988 के अनुसार वाहन का पंजीयन जरूरी है, लेकिन एसेसरीज खरीदना अनिवार्य नहीं है। केवल जरूरी सुरक्षा उपकरण ही नियमों के तहत आते हैं, बाकी सभी एसेसरीज पूरी तरह वैकल्पिक हैं। बीमा नियामक के दिशा-निर्देशों के अनुसार भी ग्राहक अपनी पसंद से कहीं से भी बीमा ले सकता है और किसी तरह की जबरदस्ती की अनुमति नहीं है।


