छत्तीसगढ़ में समान नागरिक संहिता लागू करने की तैयारी, कैबिनेट ने रंजना प्रकाश देसाई समिति के गठन को दी मंजूरी

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में बुधवार को आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में राज्य हित में कई बड़े निर्णय लिए गए। मंत्रिपरिषद ने छत्तीसगढ़ में समान नागरिक संहिता लागू करने के लिए सेवानिवृत्त न्यायाधीश रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समिति गठित करने का निर्णय लिया है। यह समिति विशेषज्ञों और नागरिकों से सुझाव लेकर कानून का प्रारूप तैयार करेगी।
समान नागरिक संहिता के लिए गठित होगी समिति
उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने फैसलों की जानकारी देते हुए बताया कि वर्तमान में विवाह, तलाक और उत्तराधिकार जैसे मामलों में अलग-अलग धर्मों के अनुसार पर्सनल लॉ प्रभावी हैं। संविधान के अनुच्छेद 44 के तहत राज्य में एकरूपता और न्यायसंगत व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए यह कदम उठाया जा रहा है। समिति वेब पोर्टल के माध्यम से जनता से फीडबैक भी लेगी।
महिलाओं और सैनिकों को बड़ी राहत
महिला सशक्तीकरण को बढ़ावा देने के लिए मंत्रिपरिषद ने महिलाओं के नाम पर होने वाले भूमि पंजीकरण शुल्क में 50 प्रतिशत की कटौती का निर्णय लिया है। इसके अतिरिक्त, राज्य के सेवारत व भूतपूर्व सैनिकों और उनकी विधवाओं को जीवनकाल में एक बार 25 लाख रुपये तक की संपत्ति क्रय करने पर स्टाम्प शुल्क में 25 प्रतिशत की छूट दी जाएगी।
खनिज नियमों में बदलाव और अवैध खनन पर सख्ती
कैबिनेट ने छत्तीसगढ़ गौण खनिज नियम 2015 और रेत उत्खनन नियम 2025 में संशोधन को मंजूरी दी है। अब सरकारी उपक्रमों को रेत खदानें आरक्षित की जा सकेंगी, जिससे आपूर्ति का संकट दूर होगा। अवैध खनन और परिवहन पर लगाम कसने के लिए न्यूनतम 25 हजार से 5 लाख रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान किया गया है। निष्क्रिय पड़ी खदानों को लेकर भी कड़े नियम बनाए गए हैं।
पशुपालन और औद्योगिक विकास को प्रोत्साहन
पशुओं के टीकाकरण के लिए इंडियन इम्यूनोलॉजिकल लिमिटेड से सीधे टीके खरीदने की अनुमति दी गई है। साथ ही दुधारू पशु प्रदाय योजना में अब सभी वर्गों के हितग्राहियों को शामिल किया जाएगा। औद्योगिक क्षेत्र में ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को बढ़ावा देने के लिए भूमि प्रबंधन नियमों में संशोधन किया गया है, जिससे निजी निवेश और ऋण उपलब्धता में आसानी होगी।
मध्य प्रदेश से मिलेगी पेंशन भुगतान की राशि
मध्य प्रदेश राज्य पुनर्गठन अधिनियम के तहत छत्तीसगढ़ द्वारा किए गए 10,536 करोड़ रुपये के अतिरिक्त पेंशन भुगतान की वापसी पर भी सहमति बनी है। शेष 8,536 करोड़ रुपये की राशि मध्य प्रदेश सरकार आगामी 6 वार्षिक किस्तों में छत्तीसगढ़ को वापस करेगी। इसके अलावा बैठक में खरीफ सीजन के लिए खाद और गैस की उपलब्धता की भी समीक्षा की गई।



