एमपी में दलहन आत्मनिर्भरता मिशन: 16 सदस्यीय राज्य संचालन समिति गठित, कृषि उत्पादन आयुक्त बने अध्यक्ष

भोपाल। मध्यप्रदेश को दलहन (दालों) के उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है। प्रदेश में ‘दलहन आत्मनिर्भरता मिशन’ की निगरानी और क्रियान्वयन के लिए 16 सदस्यीय राज्य संचालन समिति का गठन किया गया है। मध्यप्रदेश शासन के सामान्य प्रशासन विभाग ने 18 अगस्त 2026 को इस संबंध में आधिकारिक आदेश जारी किए। यह आदेश जारी होते ही तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है।
कृषि उत्पादन आयुक्त करेंगे अध्यक्षता
गठित समिति के अध्यक्ष प्रदेश के कृषि उत्पादन आयुक्त होंगे, जबकि किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग के संचालक को सदस्य सचिव बनाया गया है। इस उच्चस्तरीय समिति में कृषि और संबंधित क्षेत्रों के विशेषज्ञों और अधिकारियों को शामिल किया गया है। सहकारिता, उद्यानिकी, वित्त और खाद्य विभाग के प्रतिनिधि। जबलपुर और ग्वालियर कृषि विश्वविद्यालयों के कुलपति, केंद्रीय मृदा विज्ञान संस्थान के प्रतिनिधि तथा नाबार्ड (NABARD) के प्रतिनिधि। केंद्र सरकार का एक प्रतिनिधि तथा दलहन उत्पादक एफपीओ (FPO) व सहकारी संस्थाओं के 2 प्रतिनिधि।
समिति की प्रमुख जिम्मेदारियां
यह संचालन समिति राज्य में दलहन उत्पादन बढ़ाने और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए मुख्य रूप से निम्नलिखित कार्य करेगी। प्रदेश की समग्र दलहन कार्ययोजना को अंतिम रूप देना और उत्पादन वाले प्रमुख जिलों व क्लस्टरों की पहचान करना। मिशन की प्रगति और प्रमुख प्रदर्शन संकेतकों (KPIs) की नियमित निगरानी करना तथा केंद्र सरकार को प्रगति रिपोर्ट भेजना। दलहन भंडारण और बुनियादी ढांचा विकास (Infrastructure) के लिए वित्तीय आवंटन की निगरानी करना।
साल में दो बार होगी बैठक
मिशन के सुचारू संचालन और समीक्षा के लिए समिति की बैठक वर्ष में दो बार आयोजित की जाएगी। राज्य सरकार के इस कदम से प्रदेश में दालों का उत्पादन बढ़ाने, किसानों की आय में सुधार करने और मध्यप्रदेश को दलहन क्षेत्र में पूरी तरह आत्मनिर्भर बनाने में मदद मिलेगी।





