पत्रकारों की सुरक्षा के लिए राष्ट्रीय कानून की मांग, IJU ने देशव्यापी अभियान का किया ऐलान

बेंगलुरु। देशभर में पत्रकारों और मीडिया संस्थानों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ‘इंडियन जर्नलिस्ट्स यूनियन’ (IJU) ने मजबूत और व्यापक राष्ट्रीय कानून बनाने की मांग की है। बेंगलुरु में आयोजित आईजेयू की दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में पत्रकारों पर बढ़ते हमलों, धमकियों और कानूनी कार्रवाई पर चिंता जताते हुए यह मांग उठाई गई। बैठक की अध्यक्षता आईजेयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष बलविंदर सिंह जम्मू ने की।

बैठक में आईजेयू के पूर्व अध्यक्ष एवं तेलंगाना मीडिया अकादमी के अध्यक्ष के. श्रीनिवास रेड्डी ने पत्रकार सुरक्षा से संबंधित प्रस्ताव पेश किया। उन्होंने कहा कि संविधान अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का अधिकार देता है, लेकिन प्रभावी कानूनी संरक्षण के अभाव में देशभर में कार्यरत पत्रकार असुरक्षित हैं। प्रस्ताव में पत्रकारों के गोपनीय स्रोतों को भी कानूनी संरक्षण देने की मांग की गई।

वर्किंग जर्नलिस्ट कानून बहाल करने की मांग
आईजेयू ने वर्ष 1955 और 1958 के वर्किंग जर्नलिस्ट कानूनों के निरस्त होने के बाद पत्रकारों की नौकरी की सुरक्षा, वेतन संरक्षण और बेहतर कार्य परिस्थितियों के लिए व्यापक कानून लागू करने की मांग की। साथ ही केंद्र सरकार से मीडिया संस्थानों में कार्यरत सभी कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति आयु 58 वर्ष से बढ़ाकर 60 वर्ष करने की अपील की गई।

2 अक्टूबर को ‘पत्रकार मांग दिवस’
राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में आगामी कार्यक्रमों और अभियानों को लेकर भी कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। महासचिव डी. सोमसुंदर ने पिछले चार महीनों की संगठनात्मक गतिविधियों की रिपोर्ट प्रस्तुत की। बैठक में छत्तीसगढ़ से राज्य सचिव सुधीर आज़ाद तंबोली, महिला प्रतिनिधि स्वाति कौशिक समेत करीब 15 राज्यों के 90 प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
आईजेयू ने निर्णय लिया कि 2 अक्टूबर को देशभर में ‘पत्रकार मांग दिवस’ मनाया जाएगा। इस दौरान पत्रकार अपनी लंबित मांगों के समाधान के लिए अभियान चलाएंगे।
वहीं, 16 नवंबर यानी राष्ट्रीय प्रेस दिवस के अवसर पर मजबूत और स्वतंत्र ‘राष्ट्रीय मीडिया काउंसिल’ की आवश्यकता को लेकर देशव्यापी अभियान शुरू किया जाएगा। इसके तहत विभिन्न राज्यों में गोलमेज बैठकें और सेमिनार आयोजित किए जाएंगे।
इसके अलावा अक्टूबर के अंतिम सप्ताह में हैदराबाद में महिला पत्रकारों का राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित करने का निर्णय भी लिया गया। बैठक में पत्रकारों के अधिकारों, सुरक्षा और मीडिया की स्वतंत्रता से जुड़े मुद्दों को लेकर देशव्यापी अभियान को तेज करने पर जोर दिया गया।



