'SAAC' to be formed on the lines of NAAC:
Chhattisgarh

NAAC की तर्ज पर ‘SAAC’ का गठनः CM डॉ. मोहन का बड़ा फैसला, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों की सुधरेगी रैंकिंग

भोपाल। मध्य प्रदेश के उच्च शिक्षा संस्थानों में गुणवत्ता, पारदर्शिता और उत्कृष्टता को नए मुकाम पर ले जाने के लिए राज्य सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने घोषणा की है कि राष्ट्रीय स्तर की संस्था ‘NAAC’ (नेक) की तर्ज पर अब मध्य प्रदेश में ‘SAAC’ (साक) यानी स्टेट लेवल असेसमेंट एंड एक्रेडिटेशन सेल (राज्य स्तरीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन प्रकोष्ठ) का गठन किया गया है। इस नई व्यवस्था से प्रदेश के कॉलेजों और विश्वविद्यालयों के मूल्यांकन और ग्रेडिंग की प्रक्रिया को और अधिक सुदृढ़ और पारदर्शी बनाया जाएगा।

प्रथम चरण में 341 कॉलेजों और विश्वविद्यालयों का होगा मूल्यांकन

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मुताबिक, SAAC के गठन का मुख्य उद्देश्य राज्य के उच्च शिक्षा संस्थानों की शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार करना है। इसके अंतर्गत पहले चरण में प्रदेश के 341 शासकीय एवं निजी महाविद्यालयों (कॉलेजों) और विश्वविद्यालयों का राज्य स्तरीय मूल्यांकन किया जाएगा। इससे संस्थानों को अपनी कमियों को सुधारने और राष्ट्रीय स्तर पर बेहतर रैंकिंग हासिल करने में मदद मिलेगी।

21 से 23 जुलाई तक चलेगी विशेष कार्यशाला

SAAC की प्रक्रिया को जमीन पर प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए मध्य प्रदेश उच्च शिक्षा विभाग ने अपनी कमर कस ली है। इसके तहत आगामी 21, 22 और 23 जुलाई को एक दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यशालाओं (ट्रेनिंग वर्कशॉप) का आयोजन किया जा रहा है। संस्थानों के प्रतिनिधियों को चरणबद्ध तरीके से ट्रेनिंग देने के लिए पूरा शेड्यूल तय कर दिया गया है। 21 जुलाई पहले दिन 113 महाविद्यालयों के प्रतिनिधियों को प्रशिक्षित किया जाएगा। 22 जुलाई दूसरे दिन अन्य 113 महाविद्यालयों के प्रतिनिधि ट्रेनिंग में शामिल होंगे। 23 जुलाई- अंतिम दिन बचे हुए 115 महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों के प्रतिनिधियों को विस्तृत प्रशिक्षण दिया जाएगा।

कार्यशाला में दी जाएगी बारीक जानकारियां

इस तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में शामिल होने वाले प्रतिभागियों को SAAC के कड़े मूल्यांकन मानदंडों (Evaluation Criteria), गुणवत्ता संकेतकों (Quality Indicators), आवश्यक दस्तावेजीकरण (Documentation), संस्थागत तैयारियों और पूरी प्रत्यायन प्रक्रिया की बिंदुवार व विस्तृत जानकारी प्रदान की जाएगी। शिक्षाविदों का मानना है कि सरकार के इस कदम से मध्य प्रदेश के  सरकारी और निजी शिक्षण संस्थानों में प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी, जिसका सीधा फायदा प्रदेश के छात्र-छात्राओं को बेहतर शिक्षा और सुविधाओं के रूप में मिलेगा।

Chaiपुर
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