निजी विश्वविद्यालय में एडमिशन से पहले जरूर जांचें ये 5 बातें, आयोग ने जारी की गाइडलाइन

फर्जी संस्थानों और गलत प्रवेश से बचाने के लिए छात्रों और अभिभावकों को दी गई जरूरी सलाह।
रायपुर। अगर आप छत्तीसगढ़ के किसी निजी विश्वविद्यालय में प्रवेश लेने की तैयारी कर रहे हैं, तो पहले कुछ जरूरी बातें जरूर जांच लें। छत्तीसगढ़ निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग ने छात्रों और अभिभावकों के हित में नई गाइडलाइन जारी की है। इसका उद्देश्य फर्जी संस्थानों, गलत दावों और नियमों के विपरीत दिए जा रहे प्रवेश से छात्रों का भविष्य सुरक्षित रखना है।
आयोग के सचिव अशोक अग्रवाल ने बताया कि किसी भी निजी विश्वविद्यालय में प्रवेश लेने से पहले सबसे पहले यह देखें कि वह विश्वविद्यालय छत्तीसगढ़ निजी विश्वविद्यालय (स्थापना एवं संचालन) अधिनियम, 2005 के तहत राज्य सरकार द्वारा विधिवत अधिसूचित है या नहीं।
दूसरी महत्वपूर्ण बात यह है कि विश्वविद्यालय के परिनियम और अध्यादेश का राज्य शासन के राजपत्र में प्रकाशित होना जरूरी है। नियमानुसार राजपत्र में प्रकाशन के बाद ही कोई निजी विश्वविद्यालय प्रवेश देने का अधिकार रखता है। यदि ऐसा नहीं है तो प्रवेश नियमों के अनुरूप नहीं माना जाएगा।
आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि छत्तीसगढ़ के निजी विश्वविद्यालय किसी बाहरी कॉलेज को संबद्धता नहीं दे सकते। सभी निजी विश्वविद्यालय एकात्मक स्वरूप के हैं और केवल अपने मुख्य परिसर या अपनी अध्ययन शाला में ही पाठ्यक्रम संचालित कर सकते हैं। यदि कोई संस्थान किसी दूसरे कॉलेज के माध्यम से डिग्री देने का दावा करता है तो छात्र सतर्क रहें।
गाइडलाइन के अनुसार जिस पाठ्यक्रम में प्रवेश लिया जा रहा है, वह विश्वविद्यालय अनुदान आयोग से मान्यता प्राप्त होना चाहिए। साथ ही उस पाठ्यक्रम का उल्लेख विश्वविद्यालय के राजपत्र में प्रकाशित अध्यादेश में भी होना आवश्यक है।
पीएचडी में प्रवेश लेने वाले छात्रों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। आयोग के अनुसार संबंधित विषय में नियमित और पात्र शोध निर्देशक विश्वविद्यालय में उपलब्ध होने चाहिए। बाहरी शोध निर्देशक के माध्यम से शोध कार्य कराना नियमों के अनुरूप नहीं है।
आयोग ने छात्रों और अभिभावकों से अपील की है कि किसी भी विज्ञापन या दावे पर भरोसा करने से पहले सभी जानकारी की पुष्टि करें। प्रवेश लेने से पहले आयोग की आधिकारिक वेबसाइट या कार्यालय से जानकारी प्राप्त कर ही अंतिम निर्णय लें, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।


