जयप्रकाश एसोसिएट्स के शेयर होंगे डीलिस्ट, रिटेल निवेशकों की बढ़ी चिंता

नई दिल्ली। इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र की कंपनी जयप्रकाश एसोसिएट्स लिमिटेड (JAL) के शेयरों को जल्द ही शेयर बाजार से डीलिस्ट किया जाएगा। राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (NCLT) में चल रही दिवालियापन प्रक्रिया के बाद यह फैसला लिया गया है। इस खबर के सामने आने के बाद कंपनी में निवेश करने वाले हजारों रिटेल निवेशकों के बीच चिंता बढ़ गई है।

कंपनी लंबे समय से भारी कर्ज और वित्तीय संकट से जूझ रही थी। कर्जदाताओं का भुगतान नहीं कर पाने के कारण उसके खिलाफ दिवालियापन प्रक्रिया शुरू की गई। नियमों के तहत ऐसी स्थिति में कंपनी के शेयरों की सार्वजनिक ट्रेडिंग बंद कर दी जाती है और अंततः उन्हें स्टॉक एक्सचेंज से हटा दिया जाता है।
डीलिस्टिंग के बाद निवेशकों के सामने सबसे बड़ी समस्या यह होगी कि वे अपने शेयर सामान्य तरीके से खरीद या बेच नहीं सकेंगे। शेयर उनके डीमैट खाते में दिखाई देंगे, लेकिन उनकी बाजार कीमत शून्य या बेहद कम मानी जाएगी। ऐसे शेयरों को अनलिस्टेड या फ्रीज्ड शेयर कहा जाता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, दिवालियापन मामलों में संपत्तियों की बिक्री से मिलने वाली राशि का भुगतान एक तय प्रक्रिया के तहत किया जाता है। सबसे पहले दिवालियापन प्रक्रिया का खर्च, फिर बैंकों और वित्तीय संस्थानों जैसे सुरक्षित कर्जदाताओं का भुगतान किया जाता है। इसके बाद कर्मचारियों और अन्य लेनदारों की देनदारियां चुकाई जाती हैं।
इक्विटी शेयरधारक यानी रिटेल निवेशक इस भुगतान श्रृंखला में सबसे आखिरी स्थान पर आते हैं। ऐसे में यदि कंपनी की संपत्तियों की बिक्री से पर्याप्त राशि नहीं मिलती है तो छोटे निवेशकों को कोई भुगतान नहीं मिल पाता। बाजार जानकारों का मानना है कि JAL पर बकाया कर्ज काफी अधिक है, इसलिए रिटेल निवेशकों के लिए रिकवरी की संभावना बेहद कम दिखाई देती है।
विशेषज्ञ इसे निवेशकों के लिए एक बड़ी सीख भी मान रहे हैं। उनका कहना है कि केवल कम कीमत देखकर संकटग्रस्त या भारी कर्ज वाली कंपनियों के शेयरों में निवेश करना जोखिम भरा हो सकता है। किसी भी शेयर में निवेश से पहले कंपनी की वित्तीय स्थिति, कर्ज और कारोबार की मजबूती का आकलन करना जरूरी है।



