नैनो उर्वरकों का कमाल: सरगुजा के किसान सत्यनारायण ने नैनो यूरिया से बढ़ाई पैदावार, मिट्टी की सेहत भी सुधरी

कृषि के क्षेत्र में नई तकनीकों और वैज्ञानिक तरीकों के आने से किसानों की जिंदगी बदल रही है। आजकल किसान ज्यादा पैदावार लेने के साथ-साथ अपनी जमीन की सेहत सुधारने पर भी ध्यान दे रहे हैं। इसी कड़ी में नैनो यूरिया और नैनो डीएपी जैसे आधुनिक खाद किसानों के लिए पहली पसंद बनते जा रहे हैं। यह कम मात्रा में ही फसलों को पूरा पोषण दे रहे हैं।

सरगुजा के किसान को मिला नैनो खाद का फायदा
सरगुजा जिले के भगवानपुर गांव के रहने वाले प्रगतिशील किसान सत्यनारायण ने नैनो खाद के इस्तेमाल को लेकर अपना अनुभव साझा किया है। उन्होंने बताया कि वे पिछले दो साल से अपनी करीब तीन एकड़ जमीन पर नैनो यूरिया और नैनो डीएपी का उपयोग कर रहे हैं। इस तकनीक से उनकी फसलों की ग्रोथ बहुत अच्छी हुई है और पैदावार में भी बड़ा फायदा देखने को मिला है।
सीधे पौधों तक पहुंचता है पोषण
सत्यनारायण ने बताया कि नैनो खाद को पानी में मिलाकर सीधे पत्तों पर छिड़काव (Foliar Spray) किया जाता है। पत्तों पर स्प्रे करने की वजह से जरूरी पोषक तत्व बिना बर्बाद हुए सीधे पौधों तक पहुंचते हैं। इससे पौधों को सही समय पर पूरा पोषण मिलता है और फसल तेजी से बढ़ती है।
मिट्टी की उपजाऊ शक्ति रहेगी सुरक्षित
किसान सत्यनारायण का मानना है कि जो पारंपरिक बोरी वाली खाद होती है, उसके ज्यादा इस्तेमाल से धीरे-धीरे जमीन की उपजाऊ शक्ति कम होने लगती है। वहीं दूसरी तरफ, नैनो खाद के इस्तेमाल से पोषक तत्व जमीन में बेकार नहीं बहते। इससे मिट्टी की ताकत लंबे समय तक बनी रहती है, जो आगे की खेती के लिए बहुत जरूरी है।
लागत में कमी और पर्यावरण को फायदा
खेती के जानकारों (Agricultural Experts) का कहना है कि नैनो खाद की कार्यक्षमता बहुत ज्यादा होती है, इसलिए बहुत कम मात्रा में ही इसके बेहतरीन नतीजे मिल जाते हैं। इससे किसानों का खाद पर होने वाला खर्च कम हो जाता है और पर्यावरण को भी नुकसान नहीं पहुंचता। यही वजह है कि छत्तीसगढ़ के किसानों का रुझान अब इस लिक्विड खाद की तरफ तेजी से बढ़ रहा है।
सरकार दे रही है तकनीकी ट्रेनिंग
छत्तीसगढ़ सरकार और कृषि विभाग मिलकर किसानों को इन आधुनिक तकनीकों के प्रति जागरूक कर रहे हैं। गांवों में ट्रेनिंग कैंप लगाकर किसानों को नैनो खाद के इस्तेमाल का सही तरीका सिखाया जा रहा है, ताकि वे कम खर्च में ज्यादा से ज्यादा मुनाफा कमा सकें। किसान सत्यनारायण ने भी दूसरे किसानों से नैनो यूरिया अपनाने की अपील की है ताकि खेती को फायदेमंद और टिकाऊ बनाया जा सके।



