विश्व रक्तदान दिवस 14 जून: आपका एक यूनिट खून बचा सकता है तीन जानें, जानिए ब्लड डोनेशन के बड़े फायदे

विश्व रक्तदान दिवस पर जनसंपर्क विभाग के संयुक्त संचालक धनंजय राठौर ने लोगों से खास अपील की है। उन्होंने कहा कि रक्तदान सिर्फ एक नारा नहीं, बल्कि इंसानियत की सबसे बड़ी सेवा है। हर साल 14 जून को पूरी दुनिया में World Blood Donation Day मनाया जाता है। इसका मकसद लोगों को ब्लड डोनेट करने के लिए प्रेरित करना है। इस बार सोशल मीडिया पर सिर्फ स्टेटस लगाने के बजाय खुद आगे आकर रक्तदान करें।
आखिर रक्तदान को महादान क्यों कहते हैं?
दुनिया में अन्नदान, वस्त्रदान और धनदान जैसे कई दान हैं। ये सभी व्यक्ति की सुख-सुविधाओं को पूरा करते हैं। लेकिन रक्तदान सीधे किसी मरते हुए इंसान को जिंदगी देता है। जब कोई सड़क हादसे का शिकार होता है, किसी की बड़ी सर्जरी होती है, या कोई कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रहा होता है, तब Blood की एक-एक बूंद कीमती हो जाती है। ऐसे समय में आपका दिया हुआ खून किसी का घर उजड़ने से बचा सकता है।
विज्ञान के पास भी नहीं है असली खून का विकल्प
आज के आधुनिक दौर में विज्ञान ने बहुत तरक्की कर ली है। हम इंसानी अंग तक बना सकते हैं, लेकिन आज तक लैब में कृत्रिम खून यानी Artificial Blood नहीं बनाया जा सका है। इसका सीधा मतलब है कि किसी बीमार व्यक्ति की जान बचाने के लिए केवल दूसरे इंसान का खून ही काम आ सकता है।
एक बार रक्तदान से बचती हैं तीन जिंदगियां
जब आप एक यूनिट (लगभग 350-450 मिलीलीटर) ब्लड डोनेट करते हैं, तो ब्लड बैंक में उसे तीन हिस्सों में बांट दिया जाता है। पहला हिस्सा लाल रक्त कणिकाएं यानी Red Blood Cells (RBC) हैं, जो शरीर में खून की भारी कमी होने पर काम आती हैं। दूसरा हिस्सा प्लाज्मा है, जो जलने के मामलों या लीवर की बीमारियों में काम आता है। तीसरा हिस्सा प्लेटलेट्स है, जो डेंगू और कैंसर के मरीजों के लिए बेहद जरूरी होती हैं। इस तरह आपका एक प्रयास तीन लोगों की जान बचाता है।
ब्लड डोनेशन के बेहतरीन स्वास्थ्य लाभ
रक्तदान करने से केवल मरीज को ही फायदा नहीं होता, बल्कि डोनर की सेहत भी अच्छी रहती है। रक्तदान करने से शरीर में आयरन की मात्रा सही बनी रहती है। इससे हार्ट अटैक और कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा बहुत कम हो जाता है। खून देने के बाद शरीर में नए Blood Cells बनते हैं, जिससे शरीर में नई ऊर्जा और स्फूर्ति आती है। इसके अलावा, रक्तदान से पहले डोनर का हीमोग्लोबिन, ब्लड प्रेशर और वजन जांचा जाता है। साथ ही एचआईवी और मलेरिया जैसी बीमारियों की मुफ्त जांच भी हो जाती है, जो एक तरह का फ्री मिनी हेल्थ चेकअप है।
आइए इस महादान का हिस्सा बनें। खुद भी आगे आएं और अपने आसपास के लोगों को भी जागरूक करें। आपका थोड़ा सा प्रयास किसी के परिवार को नई खुशियां दे सकता है।



