सहूलियत, सम्मान और सेहत… हर घर नल से बदली जिंदगी

विशेष लेख
कमलेश साहू
सहायक संचालक, जनसंपर्क
रोज सुबह उठते ही घर में नल से साफ पानी आते देखने की खुशी क्या होती है, यह बस्तर की कमली से बेहतर शायद ही कोई समझ सके। जब उप मुख्यमंत्री एवं लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री श्री अरुण साव उनके आंगन पहुंचे और नल से बहते पानी को देखा, तो कमली की आंखों में खुशी के आंसू छलक पड़े। जल जीवन मिशन ने कमली जैसी हजारों महिलाओं की जिंदगी में बड़ा बदलाव लाया है। जो महिलाएं कभी दिनभर पीने और घरेलू उपयोग के पानी की चिंता में लगी रहती थीं, आज उनके घरों तक स्वच्छ पेयजल पहुंच रहा है।

उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव अपने चार दिवसीय बस्तर प्रवास के दौरान जल जीवन मिशन के कार्यों का जायजा लेने बस्तर जिले के तोकापाल विकासखंड स्थित दुगनपाल गांव पहुंचे। उन्होंने कई घरों में जाकर नल कनेक्शन और जलापूर्ति व्यवस्था का निरीक्षण किया। गांव की महिलाओं के चेहरों पर संतोष और आत्मविश्वास साफ दिखाई दे रहा था।
जल जीवन मिशन दूरस्थ गांवों और वनांचल क्षेत्रों की महिलाओं के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन ला रहा है। पहले महिलाओं को पीने और घरेलू उपयोग के लिए पानी लाने में प्रतिदिन घंटों समय देना पड़ता था। गर्मियों के दिनों में यह समस्या और बढ़ जाती थी। कई बार पानी के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती थी।
दुगनपाल में भी महिलाओं को रोजाना हैंडपंप या कुएं से पानी लाना पड़ता था। अब घर-घर नल कनेक्शन मिलने से यह परेशानी खत्म हो गई है। मिशन के तहत जैसे-जैसे योजनाएं पूरी हो रही हैं, वैसे-वैसे महिलाओं की चिंता और मेहनत कम होती जा रही है। छत्तीसगढ़ में अब तक साढ़े आठ हजार से अधिक जल योजनाएं पूरी कर पंचायतों को संचालन के लिए सौंपी जा चुकी हैं।
जल जीवन मिशन केवल पेयजल उपलब्ध कराने की योजना नहीं है, बल्कि यह महिलाओं के जीवन में सम्मान और सुविधा भी लेकर आया है। पहले पानी की व्यवस्था में उनका काफी समय और ऊर्जा खर्च होती थी। अब वे परिवार, बच्चों की पढ़ाई, खेती-बाड़ी और अन्य आजीविका गतिविधियों पर अधिक ध्यान दे पा रही हैं।
घर तक स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल पहुंचने से स्वास्थ्य संबंधी जोखिम भी कम हुए हैं। गर्मियों में जलस्तर घटने और बरसात में जल स्रोतों के दूषित होने से कई बीमारियों का खतरा बना रहता था। अब नियमित और गुणवत्तापूर्ण पेयजल मिलने से जलजनित रोगों की आशंका भी कम हुई है।
जल जीवन मिशन ने गांवों की महिलाओं को केवल पानी नहीं दिया, बल्कि समय, सुविधा, सम्मान और बेहतर स्वास्थ्य का उपहार भी दिया है। यह योजना ग्रामीण जीवन में सकारात्मक बदलाव की एक सशक्त मिसाल बनकर सामने आई है।


