युवाओं के लिए बनेगी नई रोजगार नीति, कौशल विकास से बदलेंगे गांवों के हालात: गणेश शंकर मिश्रा

रायपुर। छत्तीसगढ़ में युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ने के लिए राज्य सरकार बड़े स्तर पर तैयारी कर रही है। राज्य नीति आयोग के उपाध्यक्ष गणेश शंकर मिश्रा ने कहा है कि कौशल विकास के जरिए युवाओं को आत्मनिर्भर बनाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए जल्द ही विशेष कार्ययोजना तैयार की जाएगी।
नवा रायपुर स्थित छत्तीसगढ़ राज्य नीति आयोग में आयोजित एसएसएम, पीआईयू और एम एंड ई यूनिट्स के इंडक्शन कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में ग्रामीण युवाओं की बेरोजगारी, मोबाइल एडिक्शन, ड्रग्स की बढ़ती लत, स्वास्थ्य समस्याएं और बढ़ती आपराधिक गतिविधियां गंभीर चिंता का विषय हैं। इन चुनौतियों का समाधान रोजगार और कौशल विकास के माध्यम से ही संभव है।
गणेश शंकर मिश्रा ने कहा कि गांवों में बड़ी संख्या में ऐसे युवा हैं जो पारंपरिक खेती-किसानी से जुड़ना नहीं चाहते, लेकिन उनके पास रोजगार के पर्याप्त अवसर भी उपलब्ध नहीं हैं। ऐसे युवाओं को प्रशिक्षण देकर रोजगार से जोड़ने की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएंगे।
उन्होंने बताया कि संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (यूएनडीपी) की अब तक की सबसे बड़ी टीम छत्तीसगढ़ में कार्य कर रही है। अगले छह महीनों के भीतर युवाओं के कौशल विकास और रोजगार सृजन के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जाएगी।
राज्य नीति आयोग ने यूएनडीपी के विशेषज्ञों को ग्रामीण युवाओं की जरूरतों के अनुरूप प्रशिक्षण कार्यक्रम तैयार करने के निर्देश दिए हैं। इसके तहत प्लंबर, गार्डनर, कारपेंटर, इलेक्ट्रीशियन, मोबाइल रिपेयरिंग, टीवी मैकेनिक सहित कई रोजगारपरक क्षेत्रों में प्रशिक्षण दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण के बाद युवाओं को सीधे रोजगार से जोड़ने की व्यवस्था भी बनाई जाएगी। इसके लिए उद्योगों, निजी संस्थानों और सामाजिक संगठनों के सहयोग से प्रत्येक जिले में विशेष रोजगार मेले और प्लेसमेंट कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। प्रशिक्षित युवाओं को मौके पर ही नियुक्ति पत्र देने की भी योजना है।
गणेश शंकर मिश्रा ने कहा कि सरकार का लक्ष्य युवाओं को सम्मानजनक रोजगार उपलब्ध कराकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है। इससे बेरोजगारी कम होगी, सामाजिक समस्याओं पर नियंत्रण मिलेगा और राज्य के विकास को नई गति मिलेगी।


