छत्तीसगढ़ में सड़क हादसों पर लगेगी लगाम, सरकार ने तैयार किया तकनीक, ट्रेनिंग और सख्त निगरानी का महाप्लान

रायपुर। छत्तीसगढ़ में लगातार बढ़ रही सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए राज्य सरकार ने अब कमर कस ली है। हादसों में कमी लाने के लिए आधुनिक तकनीक, हाईटेक कैमरे, ड्राइवरों की ट्रेनिंग और वाहनों की वैज्ञानिक फिटनेस जांच को लेकर एक बड़ा प्लान तैयार किया गया है। नवा रायपुर के मंत्रालय में आयोजित राज्य सड़क सुरक्षा परिषद की महत्वपूर्ण बैठक में दोनों उपमुख्यमंत्री अरुण साव, विजय शर्मा और परिवहन मंत्री केदार कश्यप ने इस नई व्यवस्था की समीक्षा की और अधिकारियों को सख्त निर्देश जारी किए। बैठक में धरसींवा विधायक अनुज शर्मा समेत कई विभागों के बड़े अफसर मौजूद रहे।
5 महीनों में कटे 61 हजार से ज्यादा ऑनलाइन चालान, 31 हजार वाहनों का हुआ फिटनेस टेस्ट
मंत्रालय में हुई इस हाईलेवल बैठक में अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश में सड़क सुरक्षा को मजबूत करने के लिए ई-ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक, ऑटोमैटिक एएनपीआर (ANPR) कैमरे और स्पीड मॉनिटरिंग सिस्टम का जाल बिछाया जा रहा है। इसी तकनीकी निगरानी का नतीजा है कि जनवरी से मई 2026 के बीच ही नियमों का उल्लंघन करने वाले 61 हजार से अधिक वाहनों के ऑनलाइन चालान काटे गए हैं। इसके साथ ही रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, जगदलपुर और कोरबा समेत प्रमुख जिलों में बने आधुनिक केंद्रों में 31 हजार 604 गाड़ियों की वैज्ञानिक तरीके से फिटनेस जांच की गई है। सरकार का पूरा जोर अब इंसानी दखल को कम करके पूरी व्यवस्था को डिजिटल और पारदर्शी बनाने पर है।
सड़क दुर्घटनाओं में जान गंवाना बर्दाश्त नहीं, नियमों को तोड़ने वालों पर होगी त्वरित कार्रवाई: विजय शर्मा
बैठक के दौरान उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने साफ लफ्जों में कहा कि सड़क हादसों में होने वाली लोगों की मौत को रोकना सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता है। आधुनिक तकनीक और कैमरों की मदद से ट्रैफिक नियमों का पालन कराना अब और आसान हो जाएगा। उन्होंने पुलिस और परिवहन विभाग को आपस में बेहतर तालमेल बिठाकर ओवरस्पीडिंग और लापरवाही से गाड़ी चलाने वालों पर तुरंत एक्शन लेने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने स्कूल-कॉलेजों के युवाओं और छात्र-छात्राओं के बीच ट्रैफिक अवेयरनेस (Traffic Awareness) बढ़ाने पर विशेष ध्यान देने को कहा। वहीं उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने इसे सामाजिक जिम्मेदारी बताते हुए रोड इंजीनियरिंग में सुधार करने की बात कही।
8 नए जिलों में बनेंगे ई-ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक, नियमों के उल्लंघन पर वसूला 62 करोड़ का जुर्माना
परिवहन मंत्री केदार कश्यप ने बताया कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार सुरक्षित यातायात व्यवस्था विकसित करने के लिए लगातार काम कर रही है। राज्य में पारदर्शी ड्राइविंग लाइसेंस सिस्टम के लिए कई जिलों में ई-ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक (E-Driving Test Track) चल रहे हैं, जबकि चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 में 8 नए जिलों में इन्हें बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसके अलावा प्रदेश में अब तक 2 लाख 68 हजार से ज्यादा गाड़ियों में स्पीड गवर्नर लगाए जा चुके हैं। समीक्षा में यह भी सामने आया कि जनवरी से अप्रैल 2026 के बीच ट्रैफिक नियम तोड़ने वाले 2.86 लाख वाहनों से कुल 62.21 करोड़ रुपये का जुर्माना वसूला गया है, जबकि लापरवाही की हदें पार करने वाले 7 हजार 434 चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस हमेशा के लिए सस्पेंड या निरस्त कर दिए गए हैं।



