PM Awas Yojana पर सख्ती, सितंबर 2026 तक पूरे करने होंगे सभी कार्य, 194 निकायों की होगी निगरानी

रायपुर। छत्तीसगढ़ में शहरी विकास योजनाओं की निगरानी अब और सख्त होने जा रही है। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग की सचिव शंगीता आर. ने राज्य के सभी 194 नगरीय निकायों के साथ समीक्षा बैठक कर प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) समेत पांच प्रमुख योजनाओं की प्रगति का जायजा लिया। बैठक में निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, वित्तीय प्रगति और तय समय सीमा के पालन पर विशेष जोर दिया गया।

समीक्षा के दौरान प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 1.0 की प्रगति पर विस्तार से चर्चा हुई। सचिव ने स्पष्ट किया कि योजना के तहत सितंबर 2026 अंतिम समय सीमा है और इसके बाद किसी भी प्रकार का समय विस्तार नहीं दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि समय सीमा के बाद केंद्र या राज्य सरकार से अतिरिक्त वित्तीय सहायता नहीं मिलेगी। ऐसे में अधूरे प्रोजेक्ट का वित्तीय भार संबंधित नगरीय निकायों को उठाना पड़ सकता है।
सचिव ने सभी नगर निगम, नगर पालिका और नगर पंचायतों को निर्देश दिए कि निर्माण कार्यों में तेजी लाई जाए और पात्र हितग्राहियों तक योजना का लाभ समय पर पहुंचाया जाए। उन्होंने हितग्राही अंश की वसूली, नियमित मॉनिटरिंग और लंबित मामलों के त्वरित निराकरण पर भी जोर दिया।
बैठक में स्वच्छ भारत मिशन, अमृत मिशन, मुख्यमंत्री नगरोत्थान योजना और अन्य Urban Development Projects की भी समीक्षा की गई। जलापूर्ति, स्वच्छता और नागरिक सुविधाओं से जुड़ी परियोजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने के निर्देश दिए गए।
योजनाओं की Ground Monitoring को मजबूत करने के लिए राज्य स्तर के सभी नोडल अधिकारियों को जिलों का नियमित दौरा करने के निर्देश दिए गए हैं। 6 जून को पहली बार सभी नोडल अधिकारी अपने-अपने जिलों में पहुंचकर योजनाओं की वास्तविक स्थिति, चुनौतियों और प्रगति का आकलन करेंगे।
बैठक में वार्ड स्तर पर डेटा मॉनिटरिंग मजबूत करने और जिला प्रशासन व नगरीय निकायों के बीच बेहतर समन्वय पर भी जोर दिया गया। सचिव शंगीता आर. ने कहा कि राज्य सरकार पारदर्शी, जवाबदेह और नागरिक-केंद्रित शहरी विकास के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने चेतावनी दी कि लगातार खराब प्रदर्शन करने वाले अधिकारियों और ठेकेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।


