Jal Jeevan Mission Success Story: अबूझमाड़ के पदमकोट में पहुंचा विकास, हर घर तक मिला शुद्ध पेयजल

रायपुर। कभी बूंद-बूंद पानी के लिए संघर्ष करने वाला अबूझमाड़ का पदमकोट गांव आज विकास की नई मिसाल बन गया है। महाराष्ट्र सीमा से लगे नारायणपुर जिले के इस दूरस्थ वनांचल क्षेत्र में जल जीवन मिशन ने ग्रामीणों की जिंदगी बदल दी है। अब हर घर तक शुद्ध पेयजल पहुंच रहा है और गांव में स्वास्थ्य, स्वच्छता व आजीविका के नए रास्ते खुल गए हैं।
जिला मुख्यालय नारायणपुर से करीब 65 किलोमीटर दूर स्थित ग्राम पंचायत पदमकोट लंबे समय तक बुनियादी सुविधाओं से वंचित रही। घने जंगल, दुर्गम रास्ते और बिजली जैसी सुविधाओं की कमी यहां की पहचान थे। लेकिन अब जल जीवन मिशन के तहत तैयार की गई आधुनिक जलापूर्ति व्यवस्था ने गांव की तस्वीर बदल दी है।
सोलर सिस्टम से हर घर तक पानी
गांव में नियमित जलापूर्ति सुनिश्चित करने के लिए करीब चार किलोमीटर लंबी पाइपलाइन बिछाई गई है। बिजली पर निर्भरता कम करने के लिए 10-10 हजार लीटर क्षमता की चार सोलर पानी टंकियां बनाई गई हैं। इस व्यवस्था से पंचायत के सभी परिवारों को घर पर ही स्वच्छ पेयजल मिल रहा है।
महिलाओं को मिली राहत, बच्चों को मिला समय
पहले गांव की महिलाओं और बच्चों को पानी के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती थी। दिन का बड़ा हिस्सा पानी लाने में ही निकल जाता था। अब घर के आंगन में नल से पानी मिलने के कारण महिलाओं का समय और श्रम दोनों बच रहे हैं।
महिलाएं अब स्वयं सहायता समूहों (SHG) से जुड़कर आय बढ़ाने वाले कार्यों में हिस्सा ले रही हैं। वहीं बच्चे पानी लाने की जिम्मेदारी से मुक्त होकर नियमित रूप से स्कूल जा रहे हैं।
जल से बढ़ी सेहत और स्वच्छता
शुद्ध पेयजल मिलने से गांव में डायरिया, पीलिया और अन्य जलजनित बीमारियों के मामलों में कमी आई है। पर्याप्त पानी उपलब्ध होने से ग्रामीणों में स्वच्छता के प्रति जागरूकता भी बढ़ी है। घरों और आसपास का वातावरण पहले की तुलना में अधिक साफ-सुथरा रहने लगा है।
किचन गार्डन से बढ़ा पोषण
पदमकोट में जल जीवन मिशन का असर पोषण स्तर पर भी दिखाई दे रहा है। ग्रामीणों ने अपने घरों के पीछे किचन गार्डन विकसित किए हैं। नल के पानी की मदद से वे ताजी और पौष्टिक सब्जियां उगा रहे हैं। इससे परिवारों को बेहतर पोषण मिल रहा है और बाजार पर निर्भरता भी कम हुई है।
विकास का बना मॉडल गांव
ग्राम पंचायत पदमकोट की यह सफलता दिखाती है कि मजबूत योजना, प्रशासनिक प्रतिबद्धता और प्रभावी क्रियान्वयन से दूरस्थ क्षेत्रों तक भी विकास पहुंचाया जा सकता है। ग्रामीणों का कहना है कि जल जीवन मिशन ने उन्हें सिर्फ पानी नहीं दिया, बल्कि आत्मनिर्भरता और बेहतर भविष्य की उम्मीद भी दी है।
आज अबूझमाड़ का पदमकोट गांव छत्तीसगढ़ में ग्रामीण विकास, स्वच्छ पेयजल और Sustainable Development का एक प्रेरक उदाहरण बनकर उभरा है।



