RBI Repo Rate Decision: होम लोन और कार लोन की EMI पर राहत जारी, रेपो रेट 5.25% पर बरकरार

नई दिल्ली। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने आम लोगों को फिलहाल राहत दी है। आरबीआई की मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी (MPC) की बैठक के बाद रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया गया है। केंद्रीय बैंक ने रेपो रेट को 5.25 फीसदी पर ही बरकरार रखने का फैसला किया है।
आरबीआई गवर्नर Sanjay Malhotra ने 5 जून को मौद्रिक नीति के फैसलों की घोषणा की। रेपो रेट स्थिर रहने से होम लोन, कार लोन और अन्य फ्लोटिंग रेट लोन की EMI पर फिलहाल कोई अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ेगा।
क्या होता है रेपो रेट?
रेपो रेट वह दर होती है, जिस पर RBI बैंकों को अल्पकालिक कर्ज देता है। जब रेपो रेट बढ़ता है तो लोन महंगे हो जाते हैं और EMI बढ़ सकती है। वहीं रेपो रेट घटने पर कर्ज सस्ता होता है।
अन्य ब्याज दरों में भी कोई बदलाव नहीं
आरबीआई ने केवल रेपो रेट ही नहीं, बल्कि अन्य प्रमुख दरों को भी यथावत रखा है।
- स्टैंडिंग डिपॉजिट फैसिलिटी (SDF) रेट – 5.00%
- मार्जिनल स्टैंडिंग फैसिलिटी (MSF) रेट – 5.50%
- बैंक रेट – 5.50%
इस फैसले से साफ है कि केंद्रीय बैंक फिलहाल मौद्रिक नीति में स्थिरता बनाए रखना चाहता है।
महंगाई और GDP अनुमान भी यथावत
आरबीआई ने महंगाई और आर्थिक विकास (GDP Growth) के अपने अनुमान में भी कोई बदलाव नहीं किया है। अप्रैल 2026 में खुदरा महंगाई दर 3.48 फीसदी दर्ज की गई थी, जो RBI के 4 फीसदी के मध्यम अवधि के लक्ष्य से नीचे रही।
विशेषज्ञों का मानना है कि महंगाई नियंत्रण में रहने और अर्थव्यवस्था की स्थिर वृद्धि को देखते हुए RBI ने फिलहाल ब्याज दरों में बदलाव नहीं किया।
पिछले साल मिली थी बड़ी राहत
पिछले वित्त वर्ष में RBI ने रेपो रेट में कुल 125 बेसिस पॉइंट (1.25%) की कटौती की थी। फरवरी 2025 से शुरू हुई कटौती के बाद अप्रैल, जून और दिसंबर 2025 में भी दरों में कमी की गई। इसके चलते रेपो रेट 6.50 फीसदी से घटकर 5.25 फीसदी पर आ गया था।
आम लोगों पर क्या होगा असर?
रेपो रेट स्थिर रहने से मौजूदा होम लोन और कार लोन धारकों की EMI में कोई बदलाव नहीं होगा। वहीं नए कर्ज लेने वालों के लिए भी ब्याज दरें फिलहाल स्थिर रहने की उम्मीद है। इससे रियल एस्टेट, ऑटो सेक्टर और बैंकिंग सेक्टर को भी स्थिरता मिलेगी।



