TMC Crisis: चुनावी हार के बाद तृणमूल कांग्रेस में बढ़ा असंतोष, 60 विधायक पहुंचे विधानसभा

कोलकाता। विधानसभा चुनाव में मिली करारी हार के बाद तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के भीतर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। पार्टी के अंदर असंतोष खुलकर सामने आने लगा है। बुधवार को टीएमसी के करीब 60 विधायक विधानसभा पहुंचे और विधानसभा अध्यक्ष को एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव सौंपा।
सूत्रों के मुताबिक, ये विधायक पार्टी से निष्कासित किए जा चुके नेताओं ऋतब्रत बंद्योपाध्याय और संदीपन साहा के संपर्क में हैं। दोनों नेताओं ने टीएमसी के 58 विधायकों के हस्ताक्षर वाला प्रस्ताव विधानसभा अध्यक्ष को सौंपा है। इस घटनाक्रम के बाद राज्य की राजनीति में नई चर्चा शुरू हो गई है।
बताया जा रहा है कि प्रस्ताव में हस्ताक्षर करने वाले विधायकों ने खुद को तृणमूल कांग्रेस का वास्तविक प्रतिनिधि बताया है। साथ ही उन्होंने विधानसभा में विपक्ष के नेता के पद के लिए ऋतब्रत बंद्योपाध्याय के नाम का प्रस्ताव भी रखा है। इस कदम को पार्टी नेतृत्व के खिलाफ बड़े राजनीतिक संदेश के रूप में देखा जा रहा है।
चुनाव में हार के बाद से ही तृणमूल कांग्रेस के अंदर नेतृत्व और संगठन को लेकर सवाल उठ रहे थे। अब बड़ी संख्या में विधायकों के एक साथ सामने आने से पार्टी के भीतर मतभेद और गहरे होते दिखाई दे रहे हैं। हालांकि पार्टी की ओर से इस पूरे मामले पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यदि यह असंतोष आगे बढ़ता है तो आने वाले दिनों में राज्य की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। विपक्षी दल भी इस घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं।
विधानसभा अध्यक्ष के पास प्रस्ताव पहुंचने के बाद अब सभी की निगाहें अगले राजनीतिक कदम पर टिकी हैं। यह देखना दिलचस्प होगा कि पार्टी नेतृत्व इस चुनौती से कैसे निपटता है और क्या असंतुष्ट विधायकों को मनाने की कोई कोशिश की जाती है।
फिलहाल कोलकाता के राजनीतिक गलियारों में इसी मुद्दे की चर्चा है। टीएमसी के भीतर बढ़ती खींचतान आने वाले दिनों में राज्य की राजनीति की दिशा तय कर सकती है।



