NEET-UG Paper Leak Case: सुप्रीम कोर्ट सख्त, बोला- जवाबदेही तय नहीं हुई तो नहीं रुकेंगे पेपर लीक

नई दिल्ली। NEET-UG पेपर लीक मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को सख्त टिप्पणी की। कोर्ट ने साफ कहा कि जब तक ऐसे मामलों में जिम्मेदारी तय नहीं होगी, तब तक Paper Leak जैसी घटनाएं रुकने वाली नहीं हैं। सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद इस पूरे मामले की मॉनिटरिंग कर रहे हैं ताकि परीक्षा प्रक्रिया में कोई चूक न हो।
सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने कहा कि देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा में बार-बार गड़बड़ी होना गंभीर चिंता का विषय है। अदालत ने National Testing Agency (NTA) की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि UPSC जैसी एजेंसियों में इस तरह की समस्या सामने नहीं आती। NTA को उनसे सीख लेने की जरूरत है।
21 जून को होगा री-एग्जाम, सुरक्षा व्यवस्था कड़ी
देशभर में 3 मई को NEET-UG परीक्षा आयोजित हुई थी। इसके कुछ दिनों बाद Paper Leak की खबर सामने आई। मामला बढ़ने पर 12 मई को परीक्षा रद्द कर दी गई। अब 21 जून को दोबारा परीक्षा कराई जाएगी।
सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार ने कोर्ट को बताया कि री-एग्जाम के लिए नई सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है। परीक्षा केंद्रों की निगरानी बढ़ाई गई है। साथ ही डिजिटल मॉनिटरिंग और गोपनीयता को लेकर भी अतिरिक्त कदम उठाए गए हैं।
सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि सरकार युवाओं के भविष्य को लेकर गंभीर है। परीक्षा प्रक्रिया को पारदर्शी और सुरक्षित बनाने की कोशिश की जा रही है।
पिछली सुनवाई में भी कोर्ट ने लगाई थी फटकार
इससे पहले 25 मई को हुई सुनवाई में भी सुप्रीम कोर्ट ने NTA को कड़ी फटकार लगाई थी। कोर्ट ने पूछा था कि 2024 के Paper Leak Case से आखिर एजेंसी ने क्या सीखा। अदालत ने यह भी कहा था कि पहले बनी मॉनिटरिंग कमेटी की सिफारिशों पर क्या कार्रवाई हुई, इसकी जानकारी हलफनामे के जरिए दी जाए।
सुप्रीम कोर्ट ने शिक्षा मंत्रालय से NEET-UG जांच प्रक्रिया और सुरक्षा सुधारों का पूरा ब्योरा भी मांगा है। वहीं केंद्र सरकार और CBI से भी जवाब तलब किया गया है।
देशभर के लाखों छात्र और अभिभावक अब 21 जून को होने वाली परीक्षा पर नजर बनाए हुए हैं। इस पूरे मामले ने देश की परीक्षा व्यवस्था और पारदर्शिता पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है।



