मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की नई कार्यशैली: वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से बचाया ईंधन, विकास कार्यों की ली समीक्षा

Chhattisgarh। मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai ने शनिवार को रायगढ़ स्थित सृजन सभाकक्ष में रायगढ़, जांजगीर-चांपा और कोरबा जिले के विकास कार्यों और प्रशासनिक गतिविधियों की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में सुशासन के साथ संसाधनों के बेहतर उपयोग और तकनीक आधारित प्रशासनिक व्यवस्था पर विशेष जोर दिया गया।
मुख्यमंत्री पहले ही पेट्रोल-डीजल की अनावश्यक खपत कम करने और ऊर्जा संरक्षण को बढ़ावा देने के निर्देश दे चुके हैं। इसी के तहत इस समीक्षा बैठक में जांजगीर-चांपा और कोरबा जिले के अधिकारियों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जोड़ा गया।
बैठक में केवल संबंधित जिलों के कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक भौतिक रूप से मौजूद रहे, जबकि अन्य विभागीय अधिकारी वर्चुअल माध्यम से शामिल हुए। इससे बड़ी संख्या में अधिकारियों के आवागमन में होने वाली ईंधन खपत को कम किया जा सका। प्रशासनिक स्तर पर इसे मितव्ययिता और जिम्मेदार कार्यसंस्कृति की प्रभावी पहल माना जा रहा है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि शासन की प्राथमिकता सिर्फ योजनाओं का क्रियान्वयन नहीं, बल्कि संसाधनों का जिम्मेदारीपूर्वक उपयोग भी है। उन्होंने कहा कि मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों में ईंधन संरक्षण आर्थिक जरूरत के साथ सामाजिक जिम्मेदारी भी बन चुका है।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि तकनीक का अधिकतम उपयोग कर प्रशासनिक कार्यों को तेज, पारदर्शी और प्रभावी बनाया जाए। उन्होंने कहा कि जहां संभव हो, वहां वर्चुअल समीक्षा, डिजिटल मॉनिटरिंग और ऑनलाइन समन्वय को प्राथमिकता दी जाए ताकि समय और संसाधनों दोनों की बचत हो सके।
बैठक में तीनों जिलों में चल रहे विकास कार्यों, जनकल्याणकारी योजनाओं, निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, राजस्व मामलों के निराकरण और सुशासन तिहार के दौरान प्राप्त आवेदनों की समीक्षा भी की गई। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को आम जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान करने और मैदानी स्तर पर सक्रियता बढ़ाने के निर्देश दिए।

