मुख्य सचिव ने की नियद नेल्लानार 2.0 की समीक्षा, बस्तर के 3056 गांवों तक पहुंचा मोबाइल नेटवर्क, 425 गांवों में पहली बार शुरू हुई बस सेवा

रायपुर, 14 मई 2026। मुख्य सचिव विकासशील ने गुरुवार को मंत्रालय महानदी भवन में नियद नेल्लानार योजना की समीक्षा बैठक ली। बैठक में योजना के तहत अब तक हुए कार्यों और नियद नेल्लानार 2.0 की आगामी कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की गई।

बैठक में अधिकारियों ने बताया कि बस्तर संभाग के सुदूर वनांचल क्षेत्रों में योजना के माध्यम से तेजी से बुनियादी सुविधाएं पहुंचाई जा रही हैं। कई ऐसे गांव, जहां पहले सड़क, बिजली और संचार जैसी सुविधाएं नहीं थीं, वहां अब बदलाव दिखाई देने लगा है।
योजना के तहत दूरस्थ गांवों तक बिजली लाइन पहुंचाई गई है। ग्रामीणों को मुफ्त बिजली कनेक्शन और सोलर लाइट की सुविधा भी दी गई है। मनरेगा के जरिए स्थानीय लोगों को रोजगार उपलब्ध कराया जा रहा है, जबकि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पक्के मकानों का निर्माण किया गया है।
अधिकारियों ने जानकारी दी कि शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अब अंदरूनी इलाकों तक पहुंच रहा है। ग्रामीणों को राशन कार्ड, उज्ज्वला गैस कनेक्शन, बैंक पासबुक और अन्य सुविधाएं सीधे मिल रही हैं।
शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी बड़े स्तर पर काम हुआ है। पिछले दो वर्षों में 5016 प्राथमिक शालाएं और 8947 आंगनबाड़ी केंद्र खोले गए हैं। वहीं नियद नेल्लानार योजना में शामिल गांवों में आयुष्मान मंदिर बनाकर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।
बैठक में बताया गया कि अब तक 3056 गांवों तक मोबाइल नेटवर्क पहुंच चुका है। इसके अलावा 85 प्रतिशत बसाहटों को बारहमासी सड़कों से जोड़ा गया है।
मुख्यमंत्री बस सेवा योजना के तहत बस्तर संभाग में 50 मार्गों पर 52 बसों का संचालन किया जा रहा है। इनमें 425 ऐसे गांव शामिल हैं, जहां पहली बार बस सेवा शुरू हुई है।
बैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव ऋचा शर्मा, सचिव भीम सिंह, मनरेगा आयुक्त तारण प्रकाश सिन्हा समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।



